{"_id":"639f76ef663ba530692090b2","slug":"kanpur-dehat-sit-talks-to-balwant-s-family-in-closed-room-team-collecting-information-about-doctor-akbarpur-news-knp7342113136","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Dehat : एसआईटी ने बंद कमरे में की बलवंत के परिजनों से बात, डॉक्टर के बारे में भी जानकारी जुटा रही टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Dehat : एसआईटी ने बंद कमरे में की बलवंत के परिजनों से बात, डॉक्टर के बारे में भी जानकारी जुटा रही टीम
विज्ञापन
कानपुर देहात। बलवंत हत्याकांड की जांच कन्नौज एसपी कुंवर अनुपम सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। रविवार को टीम लालपुर सरैंया स्थित बलवंत केघर पहुंची। वहां बलवंत के चाचा, पिता व अन्य कई लोगों से अलग-अलग एक बंद कमरे में पूछताछ की।
करीब डेढ़ घंटे तक परिवार के लोगों से घटना के बारे में जानकारी लेकर टीम वहां से चली गई। इसके बाद बलवंत के घर से निकलने से थाने में हुई पूछताछ व अगले दिन के घटना क्रम से जानकारी ली। सभी से अलग-अलग बयान भी लिए।
टीम ने घटना से जुड़े अन्य लोगों से भी उनके घर जाकर पूछताछ की। टीम बलवंत हत्याकांड में जेल भेजे गए पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें कस्टडी रिमांड पर भी लेने की तैयारी में है।
विज्ञापन
कस्टडी रिमांड मिलने पर देरी होने पर टीम जेल जाकर हत्यारोपियों के बयान दर्ज कर सकती थी। टीम जिला अस्पताल में बलवंत को भर्ती कर इलाज करने वाले डॉक्टर के बारे में तहकीकात कर रही है। जल्द ही टीम पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के भी बयान दर्ज कर सकती है।
बंदियों से अलग सेल में रखे गए हत्यारोपी पुलिस वाले
मामले में अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दरोगा प्रशांत गौतम, हेड कांस्टेबल दुर्वेश कुमार, सिपाह सोनू यादव और अनूप कुमार को आम बंदियों से अलग स्पेशल सेल में रखा गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इन पुलिसकर्मियों ने पहले विभिन्न मामलों में कई बंदियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से बंदियों में इन पुलिस वालों के प्रति गुस्सा होगा। ऐसे में हमले की आशंका के चलते चारों पुलिसकर्मियों को आम बंदियों से अलग रखा गया है।
शनिवार को जेल पहुंचे हेड कांस्टेबल दुर्वेश कुमार और सोनू यादव की मुलाकात पहले से वहां बंद निलंबित दरोगा प्रशांत गौतम से हुई। रविवार को अनूप भी जेल पहुंच गया। इसके बाद इन चारों को जेल की एक ही सेल में रखा गया।
विज्ञापन
करीब डेढ़ घंटे तक परिवार के लोगों से घटना के बारे में जानकारी लेकर टीम वहां से चली गई। इसके बाद बलवंत के घर से निकलने से थाने में हुई पूछताछ व अगले दिन के घटना क्रम से जानकारी ली। सभी से अलग-अलग बयान भी लिए।
विज्ञापन
टीम ने घटना से जुड़े अन्य लोगों से भी उनके घर जाकर पूछताछ की। टीम बलवंत हत्याकांड में जेल भेजे गए पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें कस्टडी रिमांड पर भी लेने की तैयारी में है।
विज्ञापन
कस्टडी रिमांड मिलने पर देरी होने पर टीम जेल जाकर हत्यारोपियों के बयान दर्ज कर सकती थी। टीम जिला अस्पताल में बलवंत को भर्ती कर इलाज करने वाले डॉक्टर के बारे में तहकीकात कर रही है। जल्द ही टीम पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के भी बयान दर्ज कर सकती है।
बंदियों से अलग सेल में रखे गए हत्यारोपी पुलिस वाले
मामले में अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दरोगा प्रशांत गौतम, हेड कांस्टेबल दुर्वेश कुमार, सिपाह सोनू यादव और अनूप कुमार को आम बंदियों से अलग स्पेशल सेल में रखा गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इन पुलिसकर्मियों ने पहले विभिन्न मामलों में कई बंदियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से बंदियों में इन पुलिस वालों के प्रति गुस्सा होगा। ऐसे में हमले की आशंका के चलते चारों पुलिसकर्मियों को आम बंदियों से अलग रखा गया है।
शनिवार को जेल पहुंचे हेड कांस्टेबल दुर्वेश कुमार और सोनू यादव की मुलाकात पहले से वहां बंद निलंबित दरोगा प्रशांत गौतम से हुई। रविवार को अनूप भी जेल पहुंच गया। इसके बाद इन चारों को जेल की एक ही सेल में रखा गया।