Kanpur Dehat: नवजात की मौत पर CHC में हंगामा, चिकित्सक पर लगाया लापरवाही का आरोप, पुलिस को नहीं दी गई सूचना
डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. संध्या ने बताया कि 23 जून को करिंगापुर के फूल सिंह ने सपना को सीएचसी में भर्ती कराया था। 24 जून को बच्ची पैदा हुई थी, जिसके पैदायशी रीढ़ की हड्डी में फोड़ा था। इस पर उसे जिला महिला अस्पताल भेजा गया था। बच्ची मृत अवस्था में सीएचसी लाई गई थी।
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कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में सीएचसी में नवजात की मौत पर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद में डॉक्टर के समझाने पर परिजन बच्ची के शव को लेकर वापस लौट गए। करिंगापुर निवासी फूल सिंह ने बताया कि बेटी सपना दिबियापुर जिला औरैया निवासी बिजय सिंह के पुत्र बबलू को ब्याही है।
बेटी के प्रसव का समय नजदीक होने पर दामाद बेटी को मायके में छोड़ गया था। 23 जून को सपना को रूरा सीएचसी में भर्ती कराया। वहां 24 जून को दोपहर ढाई बजे बेटी ने बच्ची को जन्म दिया था। 25 जून को सीएचसी के डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति गंभीर बताकर जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इस पर उसे अकबरपुर के निजी अस्पताल ले गए। वहां से भी आराम नहीं मिला तो हैलट ले गए। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को हैलट में भर्ती न किए जाने पर वापस दिबियापुर औरैया अपने गांव ले गए थे। मंगलवार को बच्ची की हालत बिगड़ी तो दोबारा अकबरपुर निजी अस्पताल ले जा रहे थे।
रूरा पहुंचने पर बच्ची की हालत बिगड़ी तो फिर रूरा सीएचसी लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सीएचसी के अंदर शव रखकर चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सीएचसी पहुंचे डॉ. धीरेंद्र ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिजन शव लेकर करिंगापुर गांव वापस लौट गए।
डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. संध्या ने बताया कि 23 जून को करिंगापुर के फूल सिंह ने सपना को सीएचसी में भर्ती कराया था। 24 जून को बच्ची पैदा हुई थी, जिसके पैदायशी रीढ़ की हड्डी में फोड़ा था। इस पर उसे जिला महिला अस्पताल भेजा गया था। बच्ची मृत अवस्था में सीएचसी लाई गई थी। हालांकि पुलिस को सूचना नहीं दी गई।