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यमुना नदी का घट रहा जलस्तर एसडीएम ने लिया जायजा
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सिकंदरा (कानपुर देहात)। यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर से बीहड़ पट्टी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ रही है। बुधवार को एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों का निरीक्षण किया।
तहसील क्षेत्र के बीहड़ पट्टी यमुना नदी के किनारे बसे गौहानी बांगर, जैसलपुर, महादेवा, बैजामऊ बांगर गांवों का एसडीएम ने टीम के साथ हाल लिया। यमुना नदी के बाढ़ के पानी का जायजा लिया। उन्होंने गांवों के मछुआरों से गांवों में नाव लगाकर रखने को कहा। हरीश, हरनाम सिंह, रमेश ने बताया कि दो दिन से यमुना नदी में पानी बढ़ने के कारण गांव में पानी भरने के आसार बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी तक गांवों के अंदर पानी नहीं पहुंचा है। पानी घटता और बढ़ता रहता है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन के बारे में बताया। सतर्कता टीम बनाकर निगरानी रखने के लिए कहा। ग्रामीणों से कहा कि स्वास्थ्य टीम भी लगातार गांव में आती रहेगी।
वहीं, सेंगुर नदी का पानी कम होने से पड़ाव गांव की पुलिया से आवागमन शुरू हो गया है। आढ़न और पथार का आवागमन नावों से हो रहा हैं। पानी में डूबी फसलें सड़ गई हैं। क्षेत्र के जगदीश, महेश, रामचन्द्र, जगदंबा, छोटेलाल, भगवानदीन, देवीदयाल, राजेंद्र, सिपाही लाल, बाबूराम, छौनी प्रसाद ने बताया कि सेंगुर का पानी काफी कम हुआ है। मुसरिया, क्योटरा बांगर और पड़ाव गांव की पुलिया में पानी कम हो गया है। इससे बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सिमरिया, कलुवाताला, हंसपुर, भुण्डा रसूलपुर, कुम्भापुर गांवों का आवागमन चालू हो गया है। आढ़न और पथार गांव का आवागमन नावों से हो रहा है। ज्वार, तिली, बाजरा, उरद, अरहर की डूबी फसलें सड़ गई हैं। लोगों ने संक्रामक रोगों की आशंका पर बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें तैनात कराने की मांग की है।
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तहसील क्षेत्र के बीहड़ पट्टी यमुना नदी के किनारे बसे गौहानी बांगर, जैसलपुर, महादेवा, बैजामऊ बांगर गांवों का एसडीएम ने टीम के साथ हाल लिया। यमुना नदी के बाढ़ के पानी का जायजा लिया। उन्होंने गांवों के मछुआरों से गांवों में नाव लगाकर रखने को कहा। हरीश, हरनाम सिंह, रमेश ने बताया कि दो दिन से यमुना नदी में पानी बढ़ने के कारण गांव में पानी भरने के आसार बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी तक गांवों के अंदर पानी नहीं पहुंचा है। पानी घटता और बढ़ता रहता है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन के बारे में बताया। सतर्कता टीम बनाकर निगरानी रखने के लिए कहा। ग्रामीणों से कहा कि स्वास्थ्य टीम भी लगातार गांव में आती रहेगी।
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वहीं, सेंगुर नदी का पानी कम होने से पड़ाव गांव की पुलिया से आवागमन शुरू हो गया है। आढ़न और पथार का आवागमन नावों से हो रहा हैं। पानी में डूबी फसलें सड़ गई हैं। क्षेत्र के जगदीश, महेश, रामचन्द्र, जगदंबा, छोटेलाल, भगवानदीन, देवीदयाल, राजेंद्र, सिपाही लाल, बाबूराम, छौनी प्रसाद ने बताया कि सेंगुर का पानी काफी कम हुआ है। मुसरिया, क्योटरा बांगर और पड़ाव गांव की पुलिया में पानी कम हो गया है। इससे बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सिमरिया, कलुवाताला, हंसपुर, भुण्डा रसूलपुर, कुम्भापुर गांवों का आवागमन चालू हो गया है। आढ़न और पथार गांव का आवागमन नावों से हो रहा है। ज्वार, तिली, बाजरा, उरद, अरहर की डूबी फसलें सड़ गई हैं। लोगों ने संक्रामक रोगों की आशंका पर बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें तैनात कराने की मांग की है।
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