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कानपुर देहात ः एंबुलेंस में तड़पती रही गर्भवती, टोल के लिए झगड़ते रहे कर्मी
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एंबुलेंस लेन पर रुकी कार व मौजूद टोल कर्मी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। बारा टोल प्लाजा में मरीजों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण टैक्स वसूलना है। बुधवार को राठ हमीरपुर से गंभीर हालत में प्रसूता को परिजन निजी एंबुलेंस से लेकर कानपुर जा रहे थे। बारा टोल पर एंबुलेंस लेन में पुलिस का स्टीकर लगी एक कार पहले से बैरियर में खड़ी थी।
एंबुलेंस में गर्भवती दर्द से तड़पती रही। वहीं, टोल कर्मी कार सवार से टैक्स के लिए उलझे रहे। महिला के परिजन टोल प्रबंधन से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कार से टोल टैक्स लेने के बाद ही एंबुलेंस निकाली गई। ये प्रकरण सीएम से लेकर डीजीपी तक को ट्वीट किया गया। एसपी ने इसकी जांच सीओ सदर को सौंपी है।
हरथुंडी जलालपुर जिला हमीरपुर निवासी सुनील कुमार राजपूत ने बताया कि बुधवार को बहू आरती को प्रसव पीड़ा होने पर राठ के एक अस्पताल में ले गए थे। वहां खून की कमी बताकर आरती को कानपुर रेफर कर दिया गया।
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निजी एंबुलेंस से उसे लेकर कानपुर जा रहे थे। बारा टोल प्लाजा की एंबुलेंस लेन पर पहले से ही एक कार बैरियर के पास खड़ी थी। इसमें पुलिस का स्टीकर लगा था। कार सवार से टोल टैक्स को लेकर कर्मियों से बहस हो रही थी।
इधर एंबुलेंस में गर्भवती आरती दर्द से तड़पती रही। लगातार सायरन बजाने के बाद भी टोल प्रबंधन ने एंबुलेंस को निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया। महिला के परिजन उसकी जान की दुहाई देकर टोल प्रबंधन से वाहन निकालने के लिए गिड़गिड़ाते रहे। इसके बाद वह नहीं पसीजे। कार सवार से टोल लेने के बाद ही एंबुलेंस को निकलने दिया गया।
टोल कर्मियों की मनमानी से आजिज आकर पीड़ित ने तत्काल सीएम, यूपी पुलिस समेत कई अधिकारियों ट्वीट कर घटना की जानकारी दी। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। साथ ही मामले की जांच कराने के लिए एसपी स्वप्रिल ममगाई को निर्देश दिए गए। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह को सौंपी है।
टोल पर एंबुलेंस रोके रखना गंभीर मामला है। इससे मरीज की जान जा सकती थी। मामले की शिकायत मिली है। जांच सीओ अकबरपुर को दी गई है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - स्वप्रिल ममगाई, एसपी
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एंबुलेंस में गर्भवती दर्द से तड़पती रही। वहीं, टोल कर्मी कार सवार से टैक्स के लिए उलझे रहे। महिला के परिजन टोल प्रबंधन से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कार से टोल टैक्स लेने के बाद ही एंबुलेंस निकाली गई। ये प्रकरण सीएम से लेकर डीजीपी तक को ट्वीट किया गया। एसपी ने इसकी जांच सीओ सदर को सौंपी है।
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हरथुंडी जलालपुर जिला हमीरपुर निवासी सुनील कुमार राजपूत ने बताया कि बुधवार को बहू आरती को प्रसव पीड़ा होने पर राठ के एक अस्पताल में ले गए थे। वहां खून की कमी बताकर आरती को कानपुर रेफर कर दिया गया।
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निजी एंबुलेंस से उसे लेकर कानपुर जा रहे थे। बारा टोल प्लाजा की एंबुलेंस लेन पर पहले से ही एक कार बैरियर के पास खड़ी थी। इसमें पुलिस का स्टीकर लगा था। कार सवार से टोल टैक्स को लेकर कर्मियों से बहस हो रही थी।
इधर एंबुलेंस में गर्भवती आरती दर्द से तड़पती रही। लगातार सायरन बजाने के बाद भी टोल प्रबंधन ने एंबुलेंस को निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया। महिला के परिजन उसकी जान की दुहाई देकर टोल प्रबंधन से वाहन निकालने के लिए गिड़गिड़ाते रहे। इसके बाद वह नहीं पसीजे। कार सवार से टोल लेने के बाद ही एंबुलेंस को निकलने दिया गया।
टोल कर्मियों की मनमानी से आजिज आकर पीड़ित ने तत्काल सीएम, यूपी पुलिस समेत कई अधिकारियों ट्वीट कर घटना की जानकारी दी। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। साथ ही मामले की जांच कराने के लिए एसपी स्वप्रिल ममगाई को निर्देश दिए गए। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह को सौंपी है।
टोल पर एंबुलेंस रोके रखना गंभीर मामला है। इससे मरीज की जान जा सकती थी। मामले की शिकायत मिली है। जांच सीओ अकबरपुर को दी गई है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - स्वप्रिल ममगाई, एसपी