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दस टीमें लगीं पर नहीं लगा बृजेश का सुराग
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अपहृत बृजेश की रोती बिलखती दादी व बहन।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। 15 जुलाई को भोगनीपुर के चौरा धर्मकांटा से हुए एक कर्मी के अपहरण के मामले में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी है। अपहरणकर्ताओं की ओर से परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। एसपी ने दस टीमें लगाईं पर घटना में 11 दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एसपी हर दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, एएसपी पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस अब तक 70 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस की रडार पर करीबी भी हैं।
चौरा गांव के शिवनाथ पाल का बेटा बृजेश (25) गांव के बाहर हाईवे पर स्थित धर्मकांटे में नौकरी करता था। 15 जुलाई की रात उसका अपहरण हो गया था। वह अंडरवियर बनियान पहने था, उसके पैंट शर्ट कांटे में ही रखे मिले। धर्मकांटा का दरवाजा बाहर से बंद था और ताला लगा था। 16 जुलाई को परिजनों को उसके लापता होने की जानकारी हुई तो चचेरे भाई सर्वेश ने उसके नंबर में फोन किया तो किसी अन्य ने काल रिसीव कर बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम न मिलने पर हत्या करने की बात कही। इसके बाद बृजेश का नंबर बंद हो गया।
17 जुलाई को उसके अपहरण की रिपोर्ट बड़े राजेश ने लिखाई। कोतवाल भोगनीपुर धर्मेंद्र सिंह, सीओ आशा पाल सिंह बृजेश की बरामदगी के लिए लगे थे। वहीं एसपी अनुराग वत्स ने दस सब इंस्पेक्टरों के नेतृत्व टीमें लगाई हैं। वहीं सर्विलांस के साथ स्वाट टीम को भी लगाया गया है। हर गतिविधि की मॉनीटरिंग के लिए एएसपी अनूप कुमार कर रहे हैं। प्रत्येक दिन की कार्रवाई की समीक्षा हो रही है। कानपुर के संजीत कांड के बाद पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। एसपी ने बताया कि सभी टीमें काम कर रहीं हैं। जल्द ही घटना का राजफाश होगा।
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चौरा गांव के शिवनाथ पाल का बेटा बृजेश (25) गांव के बाहर हाईवे पर स्थित धर्मकांटे में नौकरी करता था। 15 जुलाई की रात उसका अपहरण हो गया था। वह अंडरवियर बनियान पहने था, उसके पैंट शर्ट कांटे में ही रखे मिले। धर्मकांटा का दरवाजा बाहर से बंद था और ताला लगा था। 16 जुलाई को परिजनों को उसके लापता होने की जानकारी हुई तो चचेरे भाई सर्वेश ने उसके नंबर में फोन किया तो किसी अन्य ने काल रिसीव कर बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम न मिलने पर हत्या करने की बात कही। इसके बाद बृजेश का नंबर बंद हो गया।
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17 जुलाई को उसके अपहरण की रिपोर्ट बड़े राजेश ने लिखाई। कोतवाल भोगनीपुर धर्मेंद्र सिंह, सीओ आशा पाल सिंह बृजेश की बरामदगी के लिए लगे थे। वहीं एसपी अनुराग वत्स ने दस सब इंस्पेक्टरों के नेतृत्व टीमें लगाई हैं। वहीं सर्विलांस के साथ स्वाट टीम को भी लगाया गया है। हर गतिविधि की मॉनीटरिंग के लिए एएसपी अनूप कुमार कर रहे हैं। प्रत्येक दिन की कार्रवाई की समीक्षा हो रही है। कानपुर के संजीत कांड के बाद पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। एसपी ने बताया कि सभी टीमें काम कर रहीं हैं। जल्द ही घटना का राजफाश होगा।
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