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जिला अस्पताल परिसर में धमाके के साथ सीटीपीटी में लगी आग, अफरातफरी
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अग्निशमन यंत्र से सीटीपीटी में लगी आग बुझाने की कोशिश करता विद्युत कर्मी।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिला अस्पताल परिसर में लगे ट्रांसफार्मर की सीटीपीटी में दो बार आग लगने से अफरातफरी मच गई। दमकल जवानों ने आग पर काबू पाया। पांच घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहने से मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कत हुई। सोमवार रात भी ढाई घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित रही थी। आग लगने से पहले हाई वोल्टेज के कारण कोरोना जांच के लिए आई ट्रू नाट मशीन समेत अन्य उपकरण फुंक गए। ट्रू नाट मशीन फुंकने से कोरोना की जांच का संकट आ गया है।
जनरेटर व इलेक्ट्रिक लाइन एक साथ शुरू करने से हाई वोल्टेज होने की बात कही जा रही है।
जिला अस्पताल परिसर की बिजली आपूर्ति सोमवार को 33 केवीए लाइन पर शिफ्ट की गई है। नए जोड़े गए 400 केवीए के दो नये ट्रांसफार्मर की सीटीपीटी में सोमवार रात 10 बजे आग लग गई। जैनपुर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद कर दमकल को सूचना दी गई। दमकल जवानों ने आग पर काबू पाया। देर रात 12:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। मंगलवार सुबह 11 बजे धमाके के साथ सीटीपीटी में फिर आग लग गई। इससे अफरातफरी मच गई। इसी बीच जनरेटर से भी परिसर में बिजली आपूर्ति करने से लाइनें क्रास हो गई और हाईवोल्टेज से जिला अस्पताल व आवासों में उपकरण फुंक गए। सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद कराकर दमकल को सूचना दी गई। दमकल जवानों ने एक घंटा मशक्कत कर आग काबू में की। पैथालॉजी की मशीनें खराब होने से ब्लड की जांच नहीं हो सकेगी। कोरोना जांच के लिए हाल ही में लगाई गई ट्रू नाट मशीन खराब हो गई है। ऐसे में कोरोना जांच का काम भी ठप हो गया है। बिजली गुल होनेे से वार्ड में उमस भरी गर्मी में मरीज और तीमारदार बेहाल रहे। तीमारदार अपने मरीजों को हाथ के पंखा से हवा करते दिखे। कई मरीज वार्ड में चहलकदमी कर गर्मी से निजात पाने की कोशिश करते दिखे। अस्पताल की भूमिगत विद्युत लाइन का फाल्ट दूर कर शाम चार बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। जेई रचित मौर्या ने बताया कि उपकरण फुंकने में विद्युत विभाग का फाल्ट नहीं है। अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मी जनरेटर सप्लाई देखता है। उसे विद्युत यांत्रिकी का ज्ञान नहीं है। इलेक्ट्रिक लाइन व जनरेटर की सप्लाई एक होने से उपकरण फुंके हैं। सीएमएस डॉ. रियाज अली मिर्जा ने बताया कि जल्द ही दूसरा ऑपरेटर रखा जाएगा।
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जनरेटर व इलेक्ट्रिक लाइन एक साथ शुरू करने से हाई वोल्टेज होने की बात कही जा रही है।
जिला अस्पताल परिसर की बिजली आपूर्ति सोमवार को 33 केवीए लाइन पर शिफ्ट की गई है। नए जोड़े गए 400 केवीए के दो नये ट्रांसफार्मर की सीटीपीटी में सोमवार रात 10 बजे आग लग गई। जैनपुर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद कर दमकल को सूचना दी गई। दमकल जवानों ने आग पर काबू पाया। देर रात 12:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। मंगलवार सुबह 11 बजे धमाके के साथ सीटीपीटी में फिर आग लग गई। इससे अफरातफरी मच गई। इसी बीच जनरेटर से भी परिसर में बिजली आपूर्ति करने से लाइनें क्रास हो गई और हाईवोल्टेज से जिला अस्पताल व आवासों में उपकरण फुंक गए। सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद कराकर दमकल को सूचना दी गई। दमकल जवानों ने एक घंटा मशक्कत कर आग काबू में की। पैथालॉजी की मशीनें खराब होने से ब्लड की जांच नहीं हो सकेगी। कोरोना जांच के लिए हाल ही में लगाई गई ट्रू नाट मशीन खराब हो गई है। ऐसे में कोरोना जांच का काम भी ठप हो गया है। बिजली गुल होनेे से वार्ड में उमस भरी गर्मी में मरीज और तीमारदार बेहाल रहे। तीमारदार अपने मरीजों को हाथ के पंखा से हवा करते दिखे। कई मरीज वार्ड में चहलकदमी कर गर्मी से निजात पाने की कोशिश करते दिखे। अस्पताल की भूमिगत विद्युत लाइन का फाल्ट दूर कर शाम चार बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। जेई रचित मौर्या ने बताया कि उपकरण फुंकने में विद्युत विभाग का फाल्ट नहीं है। अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मी जनरेटर सप्लाई देखता है। उसे विद्युत यांत्रिकी का ज्ञान नहीं है। इलेक्ट्रिक लाइन व जनरेटर की सप्लाई एक होने से उपकरण फुंके हैं। सीएमएस डॉ. रियाज अली मिर्जा ने बताया कि जल्द ही दूसरा ऑपरेटर रखा जाएगा।
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