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Kanpur Dehat : मारग मैथा में बुखार से वृद्ध की जान गई, तीन लोगों का कानपुर के निजी अस्पताल में चल रहा उपचार
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शिवली। मारग मैथा गांव में बुखार का कहर नहीं थम रहा है। गुरुवार को बुखार से पीड़ित वृद्ध की मौत हो गई। वहीं, वृद्ध के नाती व गांव निवासी दंपती का कानपुर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मारग मैथा निवासी जयनारायण अवस्थी (80) को चार दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई। परिजन उनका घर पर ही इलाज करा रहे थे। दामाद रामचंद्र ने बताया कि ससुर को चार दिनों से बुखार आ रहा था।
वहीं, डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि कि जयनारायण काफी समय से लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे। उधर, बुखार से पीड़ित जयनारायण के नाती हरिओम (16) व गांव निवासी केके पांडेय व उनकी पत्नी का कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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पीएचसी में मिले बुखार के सात मरीज
मारग मैथा व कुरियनपुरवा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर 21 मरीजों को दवा दी। यहां बुखार के मरीज नहीं मिले। वहीं, पीएचसी मैथा में 74 मरीज देखे गए। इसमें सात मरीज बुखार के निकले। मरीजों की मलेरिया जांच कराई गई जो निगेटिव आई। डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि लगातार गांव में दवा का वितरण किया जा रहा है।
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मारग मैथा निवासी जयनारायण अवस्थी (80) को चार दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई। परिजन उनका घर पर ही इलाज करा रहे थे। दामाद रामचंद्र ने बताया कि ससुर को चार दिनों से बुखार आ रहा था।
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वहीं, डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि कि जयनारायण काफी समय से लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे। उधर, बुखार से पीड़ित जयनारायण के नाती हरिओम (16) व गांव निवासी केके पांडेय व उनकी पत्नी का कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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पीएचसी में मिले बुखार के सात मरीज
मारग मैथा व कुरियनपुरवा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर 21 मरीजों को दवा दी। यहां बुखार के मरीज नहीं मिले। वहीं, पीएचसी मैथा में 74 मरीज देखे गए। इसमें सात मरीज बुखार के निकले। मरीजों की मलेरिया जांच कराई गई जो निगेटिव आई। डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि लगातार गांव में दवा का वितरण किया जा रहा है।