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Kanpur Dehat : अस्थायी गोआश्रय स्थल में दो मवेशियों की मौत, बीमारी व कमजोरी से मौत की वजह सामने आई

Sat, 04 Feb 2023 08:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Feb 2023 08:00 AM IST
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Kanpur Dehat: Death of two cattle in temporary cow shelter, cause of death due to illness and weakness revealed
बीमार मवेशी का इलाज करते पशुचिकित्सक। संवाद - फोटो : AKBARPUR
डेरापुर। ब्लॉक के चिलौली गांव के हाट शेड में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थल में गुरुवार की रात दो मवेशियों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सा प्रभारी ने पोस्टमार्टम कर मवेशियों के शवों को दफन करवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जिले प्रशासनिक अफसरों को भेजी है। इसमें बीमारी व कमजोरी से मौत होने की वजह सामने आई है।
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चिलौली गांव में गोशाला का अब तक निर्माण नहीं कराया गया है। इसके चलते गांव के बाहर बने हाट शेड में त्रिपाल आदि लगाकर अस्थायी गोआश्रय स्थल बनाया गया है। वर्तमान में यहां 52 मवेशी संरक्षित है। दो मवेशियों की गुरुवार रात मौत हो गई। एक की हालत मरणासन्न है।
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पंचायत सचिव आशीष केशरवानी ने बताया कि दो मवेशी बीमार चल रहे थे। इनका उपचार पशु चिकित्सक डॉ. विश्वजीत सिंह कर रहे थे। बुधवार की शाम एक बीमार मवेशी को ग्रामीण गोआश्रय स्थल के बाहर छोड़कर चले गए थे।
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इसकी जानकारी दिए बिना केयर टेकर श्रवण कुमार व राम लाल ने बीमार मवेशी को भी आश्रय स्थल में कर लिया था। बाहर से आए व गोआश्रय में संरक्षित एक-एक बीमार मवेशी की देर रात मौत हो गई।
शुक्रवार की सुबह भी गांव के लोग एक मवेशी को मरणासन्न हालत में गोआश्रय स्थल के बाहर छोड़कर चले गए। दो मवेशियों की मौत एक के मरणासन्न होने की सूचना पर डेरापुर के पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. विश्वजीत सिंह व नुनारी पशु अस्पताल के पशु चिकित्सा प्रभारी अटल यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मवेशियों के शवों का पोस्टमार्टम किया।
डॉ. विश्वजीत ने बताया कि गोआश्रय स्थल में दो मवेशियों की मौत हुई है। आश्रय स्थल में मवेशियों को हरा चारा, चोकर, दाना नहीं मिल रहा है। कटिया और पुआल खाने से मवेशी शारीरिक रूप से कमजोर हो रहे है।
दोनों मवेशियों की बीमारी व कमजोरी के चलते जान गई है। आश्रय स्थल का ऊपरी भाग खुला हुआ। इससे मवेशियों को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है।
सर्दी से बचाव के यहां इंतजाम पर्याप्त नहीं है। वर्तमान समय में हरे चारे की आवश्यकता है, लेकिन यह उपलब्ध नहीं है। इस बारे में बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मवेशियों को हरा चारा, चोकर व दाना देने के लिए पंचायत सचिव आशीष केशरवानी व ग्राम प्रधान रामनरेश को निर्देश दिए गए है।

व्यवस्था की भी गई है। वहीं, मृत मवेशियों के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी और कमजोरी से मौत होने की वजह सामने आई है।
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