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पुणे में फंसा कमाऊ बेटा, आ गई फांके की नौबत
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बनीपारा निवासी नेत्रहीन राजेंद्र कुमार का परिवार।
- फोटो : AKBARPUR
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रूरा (कानपुर देहात)। बनीपारा गांव में दृष्टिहीन मुखिया के परिवार का कमाऊ बेटा लॉकडाउन में पुणे में फंस गया है। बेटे के भेजे रुपये खर्च हो गए तो फांके की नौबत आ गई। जानकारी पर एक ग्रामीण ने परिवार को राशन सामग्री दी।
राजेंद्र कुमार दृष्टिहीन हैं। उनके पास खेती नहीं है। उनका इकलौता कमाऊ बेटा विकास पुणे में प्राइवेट नौकरी करता है। पत्नी ममता, तीन बेटियां पूजा, रिया व प्रियंका गांव में रहते हैं। विकास हर महीने घर खर्च के रुपये भेजता था। होली पर रुपये भेजे थे। त्योहार व जरूरत पर सारे रुपये खर्च हो गए। लॉकडाउन में फैक्ट्री बंद हो गई।
विकास पुणे में फंस गया। इस माह उसने रुपये नहीं भेजे। इस पर परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। खाद्य सामग्री भी खत्म हो गई। जानकारी पर पड़ोसियों ने कुछ दिन का चावल, आटा मुहैया करा दिया। बुधवार को ममता ने उज्ज्वला रिफिल सिलिंडर मंगवा लिया, लेकिन राशन खत्म होने से फांके की नौबत आ गई। बउवा त्रिवेदी ने आटा, चावल, सब्जी, तेल, मसाले परिवार को दिया। लेखपाल राजाबाबू कटियार कि बताया कि जल्द ही राहत किट परिवार तक पहुंचाई जाएगी।
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राजेंद्र कुमार दृष्टिहीन हैं। उनके पास खेती नहीं है। उनका इकलौता कमाऊ बेटा विकास पुणे में प्राइवेट नौकरी करता है। पत्नी ममता, तीन बेटियां पूजा, रिया व प्रियंका गांव में रहते हैं। विकास हर महीने घर खर्च के रुपये भेजता था। होली पर रुपये भेजे थे। त्योहार व जरूरत पर सारे रुपये खर्च हो गए। लॉकडाउन में फैक्ट्री बंद हो गई।
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विकास पुणे में फंस गया। इस माह उसने रुपये नहीं भेजे। इस पर परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। खाद्य सामग्री भी खत्म हो गई। जानकारी पर पड़ोसियों ने कुछ दिन का चावल, आटा मुहैया करा दिया। बुधवार को ममता ने उज्ज्वला रिफिल सिलिंडर मंगवा लिया, लेकिन राशन खत्म होने से फांके की नौबत आ गई। बउवा त्रिवेदी ने आटा, चावल, सब्जी, तेल, मसाले परिवार को दिया। लेखपाल राजाबाबू कटियार कि बताया कि जल्द ही राहत किट परिवार तक पहुंचाई जाएगी।
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