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कानपुर देहात ः आयुष्मान डीजीएम व डीईएसएम ने एसीएमओ पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
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कानपुर देहात। जिले में अधिकारियों की गुटबाजी के चलते आयुष्मान योजना प्रभावित हो रही है। एसीएमओ ने आयुष्मान के डीजीएम व डीईएसएम पर काम न करने का आरोप लगाकर डीएम व सीएमओ को सूचना दे दी।
जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं डीजीएम व डीईएसएम का कहना है कि जिस आरोप में उन्हें नोटिस दिया गया है वह डीपीएम का काम। एसीएमओ उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना अंतर्गत पात्रों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज दिए जाने का प्राविधान है। जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए जिले स्तर पर डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम क्वाआर्डीनेटर डॉ. शिवम गुप्ता, डीजीएम विपिन द्विवेदी व डिस्ट्रिक्ट इंफारमेशन सिस्टम मैनेजर धर्मेंद्र साहू की तैनाती की गई है।
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इनके कार्यों की निगरानी करने के लिए एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। बीते 10 नवंबर को डीएम की समीक्षा बैठक में पाया गया कि पात्रों के गोल्डन कार्ड कम बन रहे हैं। सरकारी अस्पताल में सौ व प्राइवेट में दो सौ मरीजों को भर्ती करने का पूर्व प्राधिकरण भी नहीं हो रहा है।
एसीएमओ ने इस बात का ठीकरा आयुष्मान के डीजीएम व डीईएसएम पर फोड़ दिया। दोनों की लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण थमा दिया गया। जिससे कर्मी सकते में आ गए। डीजीएम व डीईएसएम ने सीएमओ को जवाब देते हुए एसीएमओ की मनमानी उजागर की।
डीजीएम डॉ. विपिन द्विवेदी व डीईएसएम धर्मेंद्र साहू ने बताया कि जिस काम में लापरवाही का आरोप लगाकर उन्हें नोटिस दिया गया है, उसके लिए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर डॉ. शिवम गुप्ता की तैनाती है। इसके बावजूद उन्हें गलत नोटिस देकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
बयान-
एसीएमओ ने डीएम की बैठक में डीजीएम व डीईएसएम पर कार्य न करने की जानकारी दी थी। जिस पर नोटिस जारी किया गया है। एसीएमओ किसी खुन्नस में कार्य कर रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है। एसीएमओ का व्यवहार सख्त है। इस बारे में उनसे बात की जाएगी। - डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
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जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं डीजीएम व डीईएसएम का कहना है कि जिस आरोप में उन्हें नोटिस दिया गया है वह डीपीएम का काम। एसीएमओ उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना अंतर्गत पात्रों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज दिए जाने का प्राविधान है। जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए जिले स्तर पर डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम क्वाआर्डीनेटर डॉ. शिवम गुप्ता, डीजीएम विपिन द्विवेदी व डिस्ट्रिक्ट इंफारमेशन सिस्टम मैनेजर धर्मेंद्र साहू की तैनाती की गई है।
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इनके कार्यों की निगरानी करने के लिए एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। बीते 10 नवंबर को डीएम की समीक्षा बैठक में पाया गया कि पात्रों के गोल्डन कार्ड कम बन रहे हैं। सरकारी अस्पताल में सौ व प्राइवेट में दो सौ मरीजों को भर्ती करने का पूर्व प्राधिकरण भी नहीं हो रहा है।
एसीएमओ ने इस बात का ठीकरा आयुष्मान के डीजीएम व डीईएसएम पर फोड़ दिया। दोनों की लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण थमा दिया गया। जिससे कर्मी सकते में आ गए। डीजीएम व डीईएसएम ने सीएमओ को जवाब देते हुए एसीएमओ की मनमानी उजागर की।
डीजीएम डॉ. विपिन द्विवेदी व डीईएसएम धर्मेंद्र साहू ने बताया कि जिस काम में लापरवाही का आरोप लगाकर उन्हें नोटिस दिया गया है, उसके लिए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर डॉ. शिवम गुप्ता की तैनाती है। इसके बावजूद उन्हें गलत नोटिस देकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
बयान-
एसीएमओ ने डीएम की बैठक में डीजीएम व डीईएसएम पर कार्य न करने की जानकारी दी थी। जिस पर नोटिस जारी किया गया है। एसीएमओ किसी खुन्नस में कार्य कर रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है। एसीएमओ का व्यवहार सख्त है। इस बारे में उनसे बात की जाएगी। - डॉ. एके सिंह (सीएमओ)