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भीतरगांव में संक्रामक बीमारी से मासूम की मौत 33 लोग बीमार
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। कस्बे में संक्रामक बीमार अब धीरे धीरे पांव पसारने लगी है। रसूलपुर अंता गांव के बाद गुरुवार को भीतरगांव में संक्रामक बीमारी से मासूम की मौत हो गई, जबकि 33 लोग बीमार हैं। गुरुवार को डाक्टरों की टीम भीतर गांव व खेड़ा कुर्सी पहुंची। गांव में पीड़ित परिवारों के दरवाजे और गली में गंदगी होने से संक्रामक बीमारी फैलने की बात डाक्टरों ने कही। खेड़ाकुर्सी के मजरा गंगादीन निवादा में ग्राम प्रधान सहित पांच लोग बीमार मिले।
भीतरगांव निवासी आमिर ने बताया कि उसकी चार वर्षीय पुत्री सोना व पांच वर्षीय पुत्र आमीन को दस्त आ रहे थे। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां बेटी सोना की मौत हो गई। पुत्र आमीन को सीएचसी ककवन ले गए हैं। बीमारी की जानकारी प्रधान अमित दुबे ने सीएचसी रसूलाबाद के अधीक्षक डा. लोकेश शर्मा को दी। उन्होंने तत्काल भीतर गांव में डा. ओपी भदौरिया के नेतृत्व में फार्मासिस्ट राममोहन, महेश प्रताप सिंह, मनोज कुमार, अजय कुमार व सचिन को टीम में भेजा गया। बीमार लोगों को दवाइयां दी गई। फार्मासिस्ट महेश प्रताप सिंह ने बताया कि भीतरगांव में 33 मरीज उल्टी व दस्त के मिले हैं। गांव में अमीन, शब्बो, जोया, कल्लो, रजनी, आरिफ , सीमा, मीना, मदीना, साहिल, मनोज, मुस्कान, पप्पू, रेहान, शालिनी, आस्मीन, आबिद, छुन्नू, वमन व दस्त की चपेट में हैं।
बताया कि खेड़ा कुर्सी गांव में मलेरिया और टाइफाइड ज्वर की बीमारी फैलने की सूचना एसडीएम अंजू वर्मा के देने पर डा. लोकेश शर्मा ने टीम भेजी थी। ग्राम पंचायत कुर्सी खेड़ा के प्रधान मजरा गंगादीन निवादा निवासी कमल नारायण मिश्र ने बताया कि खुद मलेरिया से पीड़ित हैं। बीरेंद्र, विमल, रामसुख, रमेश को टीम ने दवाएं दी। डा. ओपी भदौरिया ने बताया कि खेड़ा कुर्सी ग्राम पंचायत में कोई बीमार नहीं मिला।
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वहीं, सीएचसी प्रभारी ने बतया कि बीमारी की सूचना पर गांवों में टीम भेजकर उपचार कराया गया है। अंता गांव में कोई नए रोगी नहीं मिले हैं।
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भीतरगांव निवासी आमिर ने बताया कि उसकी चार वर्षीय पुत्री सोना व पांच वर्षीय पुत्र आमीन को दस्त आ रहे थे। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां बेटी सोना की मौत हो गई। पुत्र आमीन को सीएचसी ककवन ले गए हैं। बीमारी की जानकारी प्रधान अमित दुबे ने सीएचसी रसूलाबाद के अधीक्षक डा. लोकेश शर्मा को दी। उन्होंने तत्काल भीतर गांव में डा. ओपी भदौरिया के नेतृत्व में फार्मासिस्ट राममोहन, महेश प्रताप सिंह, मनोज कुमार, अजय कुमार व सचिन को टीम में भेजा गया। बीमार लोगों को दवाइयां दी गई। फार्मासिस्ट महेश प्रताप सिंह ने बताया कि भीतरगांव में 33 मरीज उल्टी व दस्त के मिले हैं। गांव में अमीन, शब्बो, जोया, कल्लो, रजनी, आरिफ , सीमा, मीना, मदीना, साहिल, मनोज, मुस्कान, पप्पू, रेहान, शालिनी, आस्मीन, आबिद, छुन्नू, वमन व दस्त की चपेट में हैं।
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बताया कि खेड़ा कुर्सी गांव में मलेरिया और टाइफाइड ज्वर की बीमारी फैलने की सूचना एसडीएम अंजू वर्मा के देने पर डा. लोकेश शर्मा ने टीम भेजी थी। ग्राम पंचायत कुर्सी खेड़ा के प्रधान मजरा गंगादीन निवादा निवासी कमल नारायण मिश्र ने बताया कि खुद मलेरिया से पीड़ित हैं। बीरेंद्र, विमल, रामसुख, रमेश को टीम ने दवाएं दी। डा. ओपी भदौरिया ने बताया कि खेड़ा कुर्सी ग्राम पंचायत में कोई बीमार नहीं मिला।
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वहीं, सीएचसी प्रभारी ने बतया कि बीमारी की सूचना पर गांवों में टीम भेजकर उपचार कराया गया है। अंता गांव में कोई नए रोगी नहीं मिले हैं।