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Kanpur: अवैध है दबौली दुर्गा मंदिर का ट्रस्ट, पदाधिकारियों पर होगी रिपोर्ट
Thu, 28 May 2026 11:28 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 28 May 2026 11:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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दबौली स्थित दुर्गा मंदिर की देखरेख के लिए बनाया गया मां दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर दबौली ट्रस्ट अवैध और अमान्य है। इसके संचालक और ट्रस्टी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। यह आदेश न्यायालय पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन ने दिया है। इसके आधार पर अब पुलिस ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करेगी। इसमें सदस्यों को भी आरोपी बनाया जाएगा।
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दबौली दुर्गा मंदिर के संचालन को लेकर बीते कई वर्षों से विवाद है। इसके चलते दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व पार्षद कैलाश पाल ने 16 मई 2023 को मां दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर दबौली ट्रस्ट का पंजीकरण कराया था। इसमें उनके अलावा पत्नी गीता, बेटे अमित, ललित पाल, दबौली निवासी पंकज शुक्ला, यतींद्र सिंह व गुजैनी निवासी अमित गुप्ता को भी ट्रस्टी बनाया गया। कैलाश इसके अध्यक्ष, गीता उपाध्यक्ष, ललित महामंत्री, पंकज सयुंक्त सचिव और अमित इसके कोषाध्यक्ष व यतींद्र एवं अमित सदस्य नामित किए गए थे।
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ट्रस्ट का गठन होने के बाद मंदिर में पुजारी का काम देखने वाले दबौली निवासी परिवार को वहां से हटा दिया गया था। इसके बाद उस परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस में की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। उसी जांच के क्रम में केडीए के अभियंत्रण अनुभाग-2 ने अपनी आख्या एसीपी बाबूपुरवा कार्यालय को दी है। इसके अनुसार इस संपत्ति पर प्राधिकरण को ही स्वामित्व प्राप्त है।
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ऐसे में इस संपत्ति पर कोई व्यक्ति ट्रस्ट डीड का निर्माण नहीं करा सकता है। प्राधिकरण भी इस पर ट्रस्ट बनाना चाहे तो उसे शासन से अनुमति लेनी होगी। आख्या में यह भी स्पष्ट है कि ट्रस्ट बनाने के लिए किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति नहीं ली गई है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।