फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur CSJMU Research Simple step by step and student centric learning is more effective

CSJMU Research: डिजिटल शिक्षा को सरल-चरणबद्ध बनाना जरूरी, अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में खुलासा

Fri, 17 Jul 2026 05:41 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 17 Jul 2026 05:41 PM IST
सार

Kanpur News: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के एक अंतरराष्ट्रीय शोध में पाया गया है कि डिजिटल शिक्षा की सफलता केवल तकनीक पर नहीं, बल्कि सामग्री के सरल और चरणबद्ध प्रस्तुतीकरण पर निर्भर करती है। 1600 शोध-पत्रों के विश्लेषण के आधार पर विशेषज्ञों ने इसे शिक्षण संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश बताया है।

विज्ञापन
Kanpur CSJMU Research Simple step by step and student centric learning is more effective
सीएसजेएमयू - फोटो : amar ujala

विस्तार

सरल, क्रमवार, चरणबद्ध और छात्रों की समझ के अनुसार पढ़ाई ज्यादा प्रभावी और असरदार है। यह निष्कर्ष छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शोध में सामने आया है। इसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल एनल ऑफ न्यूरोसाइंसेज में प्रकाशित किया गया है। विशेषज्ञों ने 2021 से 2025 के बीच दुनिया भर के 1600 से अधिक शोध-पत्रों के गहन विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाला है।

विज्ञापन

शोध का उद्देश्य यह समझना था कि तेजी से बढ़ रही डिजिटल शिक्षा को किस प्रकार अधिक सरल, प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा सकता है। अध्ययन में पाया गया कि केवल ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम अपनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पढ़ाई को व्यवस्थित और चरणबद्ध ढंग से प्रस्तुत करना जरूरी है।

विज्ञापन

सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है
इससे छात्र विषय को बेहतर तरीके से समझते हैं और लंबे समय तक उसे याद रख पाते हैं। यह भी सामने आया कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चीन और सिंगापुर जैसे देश डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन देशों में तकनीक का उपयोग विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार किया जा रहा है, जिससे सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।

विकसित कर पाएंगे बेहतर डिजिटल सामग्री
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन का लाभ केवल शोधकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षक कक्षाओं को अधिक प्रभावी बना सकेंगे, वहीं शिक्षा संस्थान बेहतर डिजिटल सामग्री विकसित कर पाएंगे। इससे नीति-निर्माताओं को भी भविष्य की शिक्षा व्यवस्था तैयार करने में दिशा मिलेगी। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि नई तकनीक का उद्देश्य केवल पढ़ाई को डिजिटल बनाना नहीं।

विज्ञापन

छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बल्कि उसे अधिक सरल, प्रभावी और उपयोगी बनाना होना चाहिए।अध्ययन के पत्राचार लेखक डॉ. विमल सिंह ने बताया कि शोध शिक्षा को अधिक छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में सफलता इस बार निर्भर करेगी कि तकनीक को विद्यार्थियों की सुविधा और सीखने की प्रक्रिया को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed