Kanpur: फर्जी जमानतगीरों के सिंडिकेट पर शिकंजा, 29 दिनों में 578 की कुंडली खंगाली, सत्यापन में लापरवाही उजागर
Kanpur News: कानपुर पुलिस ने जेल से फर्जी दस्तावेजों पर जमानत दिलाने वाले गिरोह के खिलाफ सत्यापन अभियान चलाकर 29 दिनों में 578 जमानतदारों की जांच की है, जिसमें कई फर्जी पाए गए हैं।
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कानपुर में साइबर अपराध, लूट और हत्या जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों को फर्जी जमानत के जरिए जेल से बाहर निकलवाने वाले जमानतगीरों का संगठित गिरोह अब पुलिस के निशाने पर है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देश पर एक दिसंबर से विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खासतौर पर दूसरे जिलों और राज्यों से पकड़े गए आरोपियों की जमानत कराने वालों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
इस अभियान के नोडल अधिकारी एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार को बनाया गया है। बीते 29 दिनों में 378 मामलों से जुड़े 578 जमानतगीरों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें कई के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गंभीर अपराधों में आरोपियों को जल्द जमानत मिलने से अपराध बढ़ने की आशंका रहती है और जेल से बाहर आते ही अपराधियों से आम जनता में भय का माहौल बनता है।
सत्यापन में लापरवाही भी उजागर हुई
विनोद कुमार सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि रुपयों के लालच में कई लोग एक साथ कई-कई अपराधियों की जमानत ले रहे हैं। कुछ मामलों में फर्जी नाम-पते और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भी जमानत कराई गई। इस पूरे मामले में चौकी और थाना स्तर पर सत्यापन में लापरवाही भी उजागर हुई है, जिसका फायदा अपराधियों को मिल रहा था। इसी को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।