फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Record of deaths from Corona

आंकड़ों में गड़बड़झाला: निजी अस्पताल भी दबाए बैठे कोरोना से मौतों का रिकॉर्ड

Tue, 01 Jun 2021 01:10 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 01 Jun 2021 01:10 PM IST
सार

मौतों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इनका ऑडिट करेगी। कोरोना की दूसरी लहर की पीक में कहां कितने संक्रमित मरीज मरे, इसकी स्थिति सारी मौतें अपलोड होने के बाद साफ होगी।

विज्ञापन
kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Record of deaths from Corona
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में हैलट अस्पताल की तरह ही निजी कोविड अस्पताल भी कोरोना से हुई सवा सौ मौतों का आंकड़ा दबाए बैठे हैं। इन अस्पतालों ने मौतों का ब्योरा देर से देकर आंकड़ों में घालमेल किया है। अब डेथ ऑडिट कमेटी ने इनसे ब्योरा तलब किया है।
विज्ञापन


साथ ही सीएमओ कार्यालय ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इन मौतों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इनका ऑडिट करेगी। कोरोना की दूसरी लहर की पीक में कहां कितने संक्रमित मरीज मरे, इसकी स्थिति सारी मौतें अपलोड होने के बाद साफ होगी।
विज्ञापन


मोटा-मोटा आकलन किया जाए तो एक अप्रैल से 30 मई तक 843 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इनमें पांच सौ मौतें हैलट में बताई जा रही हैं। बाकी 343 मौतों का ब्योरा अभी जुटाया जा रहा है। इनमें सवा सौ मौतें निजी अस्पतालों की बताई जा रही हैं, जो अभी तक अपलोड नहीं की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही हैलट की भी मौतें हैं, जिनका ब्योरा जुटाकर चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। यहां अब तक कोरोना से हुई 160 मौतें चिह्नित भी की जा चुकी हैं, जिनका ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं है। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि आंकड़े दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया गया।

अब भी आंकड़े संकलित कर अपडेट किया जा रहा है, जिससे सारी स्थिति स्पष्ट हो जाए। साथ ही कोरोना से होने वाली हर मौत का ऑडिट होना है। जब आंकड़े अपलोड होंगे तो मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की टीम इनका ऑडिट करेगी। इनके इलाज में कोविड गाइडलाइन का पालन और दवाओं के इस्तेमाल की स्थिति भी देखेगी।


यह भी पता किया जाएगा कि रोगी के भर्ती होने के बाद सही लाइन पर इलाज हुआ या नहीं। टीम के सूत्रों का कहना है कि निजी अस्पतालों से डाटा अपलोड करने के लिए कहा गया है। साथ ही सीएमओ कार्यालय से पत्र भी जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed