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फोन स्टिंग: 50 हजार में दलाल दिला रहे निजी अस्पताल में बेड, सक्रिय है बेड बेचने का बड़ा नेटवर्क
Thu, 29 Apr 2021 12:23 PM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:23 PM IST
सार
50-60 हजार रुपये में निजी अस्पतालों में बेड दिलाने का दावा एक दलाल ने किया। दावा भी उन अस्पतालों का जहां बाहर बोर्ड टंगा है कि अस्पताल के सभी बेड फुल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आम लोग मरीज को लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। अस्पतालों में उनको भर्ती नहीं किया जा रहा। ऑक्सीजन बेड हो या आईसीयू व वेंटिलेटर। हर बेड के लिए मारामारी है। वहीं दूसरी तरफ दलाल इन बेडों का सौदा कर रहे हैं। ऐसा ही खुलासा फोन स्टिंग के जरिए हुआ।
50-60 हजार रुपये में निजी अस्पतालों में बेड दिलाने का दावा एक दलाल ने किया। दावा भी उन अस्पतालों का जहां बाहर बोर्ड टंगा है कि अस्पताल के सभी बेड फुल हैं। वहीं, प्रशासन भी आंख मूंदकर मान लेता है कि निजी अस्पतालों में बेड फुल हैं। यदि ऐसा है तो दलाल सक्रिय कैसे।
मान लीजिए 50-60 हजार अधिक पे करना होगा
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया गया। जिसमें ऑक्सीजन बेड की मांग की गई। तभी एक शख्स का फोन आया। जिसने कहा कि वो बेड दिलवा सकता है। वो मरीज के बारे में पूरी जानकारी लेता है। ऑक्सीजन लेवल पूछता है। वो कहता है कि ऑक्सीजन वाले बेड के लिए 50 से 60 हजार रुपये अधिक लगेंगे। वो कई निजी अस्पतालों के नाम भी लेता है। ये सारे वही अस्पताल थे जहां के बेड फुल बताए जा रहे हैं। दलाल ने बताया कि अस्पतालों को भी कुछ न कुछ देना पड़ता है।
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अस्पताल भी अधिक से अधिक कैश ले रहे हैं
बातचीत के दौरान दलाल कहता है कि आज के दिनों में बेड मिलना बेहद मुश्किल है। इसलिए अधिक खर्चा लग रहा है। अस्पताल अधिक से अधिक कैश ले रहे हैं। वो भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कम करना चाहते हैं। अब सवाल है कि इस तरह के दलाल सक्रिय हैं और खुफिया एलआईयू सब गायब हैं। बड़े स्तर पर जांच की जरूरत है।
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50-60 हजार रुपये में निजी अस्पतालों में बेड दिलाने का दावा एक दलाल ने किया। दावा भी उन अस्पतालों का जहां बाहर बोर्ड टंगा है कि अस्पताल के सभी बेड फुल हैं। वहीं, प्रशासन भी आंख मूंदकर मान लेता है कि निजी अस्पतालों में बेड फुल हैं। यदि ऐसा है तो दलाल सक्रिय कैसे।
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मान लीजिए 50-60 हजार अधिक पे करना होगा
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया गया। जिसमें ऑक्सीजन बेड की मांग की गई। तभी एक शख्स का फोन आया। जिसने कहा कि वो बेड दिलवा सकता है। वो मरीज के बारे में पूरी जानकारी लेता है। ऑक्सीजन लेवल पूछता है। वो कहता है कि ऑक्सीजन वाले बेड के लिए 50 से 60 हजार रुपये अधिक लगेंगे। वो कई निजी अस्पतालों के नाम भी लेता है। ये सारे वही अस्पताल थे जहां के बेड फुल बताए जा रहे हैं। दलाल ने बताया कि अस्पतालों को भी कुछ न कुछ देना पड़ता है।
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अस्पताल भी अधिक से अधिक कैश ले रहे हैं
बातचीत के दौरान दलाल कहता है कि आज के दिनों में बेड मिलना बेहद मुश्किल है। इसलिए अधिक खर्चा लग रहा है। अस्पताल अधिक से अधिक कैश ले रहे हैं। वो भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कम करना चाहते हैं। अब सवाल है कि इस तरह के दलाल सक्रिय हैं और खुफिया एलआईयू सब गायब हैं। बड़े स्तर पर जांच की जरूरत है।
कालाबाजारी को रोकने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। कार्रवाई भी की गई है। मरीज भर्ती कराने को लेकर अगर कोई गिरोह सक्रिय है तो उस पर भी शिकंजा कसा जाएगा। सर्विलांस की टीम को लगाया गया है।-असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर