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कोरोना संक्रमण: मरीज जिंदा है या मरा, कोई तो बताए, तीमारदारों की गुहार सुनने वाला कोई नहीं
Sat, 24 Apr 2021 12:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 24 Apr 2021 12:31 PM IST
सार
दोपहर एक बजे कहने लगे कि उसका शरीर सिर्फ एक प्रतिशत हरकत कर रहा है। छुट्टी करने को कहा तो बताया कि वह एक्टिव हो रहा है। निधि भाई को दिखाने की गुहार लगाती रही लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सरकारी से लेकर निजी कोविड अस्पतालों में सही इलाज तो दूर तीमारदारों को मरीजों के बारे में ठीक से जानकारी तक नहीं दी जा रही है। कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती मरीज की बहन निधि तिवारी ने रोते-रोते बताया कि कोरोना संक्रमित भाई को एक दिन पहले भर्ती कराया था, पर तब से उन्हें दिखाया नहीं है।
दोपहर एक बजे कहने लगे कि उसका शरीर सिर्फ एक प्रतिशत हरकत कर रहा है। छुट्टी करने को कहा तो बताया कि वह एक्टिव हो रहा है। निधि भाई को दिखाने की गुहार लगाती रही लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहीं, रीतेश भार्गव ने बताया कि उसकी ताई 22 अप्रैल से यहां भर्ती है।
उनका ऑक्सीजन लेवल 90 था। रात में बताया कि उनकी हालत में सुधार है। जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। शुक्रवार सुबह अस्पताल से फोन आया कि उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया है। थोड़ी देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डेढ़ लाख का बिल पकड़ा दिया, पर एक भी जांच रिपोर्ट नहीं दी। रीतेश ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि कई अन्य तीमारदारों से इसी तरह वसूली की जा रही है। मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
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दोपहर एक बजे कहने लगे कि उसका शरीर सिर्फ एक प्रतिशत हरकत कर रहा है। छुट्टी करने को कहा तो बताया कि वह एक्टिव हो रहा है। निधि भाई को दिखाने की गुहार लगाती रही लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहीं, रीतेश भार्गव ने बताया कि उसकी ताई 22 अप्रैल से यहां भर्ती है।
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उनका ऑक्सीजन लेवल 90 था। रात में बताया कि उनकी हालत में सुधार है। जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। शुक्रवार सुबह अस्पताल से फोन आया कि उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया है। थोड़ी देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डेढ़ लाख का बिल पकड़ा दिया, पर एक भी जांच रिपोर्ट नहीं दी। रीतेश ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि कई अन्य तीमारदारों से इसी तरह वसूली की जा रही है। मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
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