फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Health Department Negligence

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: कानपुर में धोखे की दूसरी डोज, बुलाया पर खाली लौटाया

Mon, 17 May 2021 12:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 17 May 2021 12:37 PM IST
सार

कानपुर में वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। लोग वैक्सीनेशन सेंटरों से बिना डोज लगवाए ही लौट रहे हैं।

विज्ञापन
kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, Health Department Negligence
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना वैक्सीनेशन के लाभार्थियों के साथ रविवार को धोखा हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने 45 साल और इससे अधिक आयु के लाभार्थियों को दूसरी डोज लगवाने के लिए न्योता दे दिया और जब वे वैक्सीनेशन सेंटरों पर पहुंचे तो बैरंग लौटा दिया गया। बताया गया कि कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लिए 12 से 16 हफ्ते जिन्हें हो गए हैं, उन्हें ही दूसरी डोज दी जाएगी।
विज्ञापन


सुबह पोर्टल भी एक-डेढ़ घंटे चलने के बाद बंद हो गया। इसके चलते 5520 लाभार्थियों में 172 (3.11 प्रतिशत) को ही वैक्सीन लग सकी। 5348 लोग बैरंग लौट गए। लोगों ने आक्रोश भी जताया कि पहले उन्हें क्यों नहीं बताया गया। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को 39 वैक्सीनेशन सेंटर पर 45 साल और अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीनेशन का प्लान जारी किया।
विज्ञापन


5520 लाभार्थियों के वैक्सीनेेशन का लक्ष्य रखा। रविवार सुबह पहली और दूसरी डोज के बीच की गैपिंग बढ़ जाने से पोर्टल बंद कर दिया गया। इससे लाभार्थी ठगे से  रह गए। 96.89 प्रतिशत लाभार्थी मायूस होकर लौट गए। किदवईनगर में वैक्सीन की डोज 11 बजे पहुंचीं, तब तक पोर्टल पर फीडिंग बंद हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उर्सला में मीडियाकर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज लगनी थी। इनमें सिर्फ 39 को वैक्सीन लगी। इस तरह कुल 211 को वैक्सीन लग पाई जो 3.8 प्रतिशत वैक्सीनेशन कवरेज रहा। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि पोर्टल बंद होने की वजह से वैक्सीन नहीं लग पाई। उम्मीद है कि सोमवार को पोर्टल अपडेट रहेगा।

बातचीत
चार अप्रैल को पहली वैक्सीन लगी थी। रविवार को दूसरी डोज लगनी थी। यहां पहुंचे तो पता चला कि अब 12 सप्ताह बाद वैक्सीन लग पाएगी। अगर वैक्सीन नहीं लगानी थी तो जिला प्रशासन ने शेड्यूल क्यों जारी किया। समझ नहीं आ रहा कि वैक्सीनेशन के नाम पर क्या हो रहा है। - स्वाती शुक्ला, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज

दूसरी डोज लगवाने आया था। यहां पता चला कि अब पहली डोज लगने के 12 से 16 सप्ताह बाद ही दूसरी डोज लगेगी। कहीं कोई जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। अब कहां जाएं, कोई बताने वाला भी नहीं है। - जितेंद्र साहू, मेडिकल कॉलेज

मेडिकल कॉलेज में पसरा रहा सन्नाटा
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज स्थित शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में टीकाकरण नहीं हुआ। केंद्र के लोग गेट पर पोस्टर चस्पा कर रहे थे। उस पर लिखा था कि पहली डोज के 12 सप्ताह बाद दूसरी डोज लगेगी। चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिल ने बताया कि पोर्टल नहीं चल रहा है। इसलिए वैक्सीनेशन बंद है।

10 लोग नहीं होने पर बगैर वैक्सीन लगवाए लौटे छह पुलिसकर्मी
पनकी थाने में तैनात छह पुलिसकर्मी रविवार दोपहर वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए कल्याणपुर सीएचसी पहुंचे। डॉक्टरों ने कम से कम 10 लोग होने पर वैक्सीन लगाने की बात कही। पुलिसकर्मी चार अन्य लोगों के इंतजार में लगभग एक घंटे तक सीएचसी में बैठे रहे, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद वे लौट गए। सीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश यादव ने बताया कि एक वायल में दस डोज लगते हैं। चार घंटे के बाद वैक्सीन खराब हो जाती है। इस कारण कम से कम दस लोग होने पर ही वैक्सीन लगाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed