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Kanpur: सीए आशीष कपूर बोले- ट्रस्टों को आधुनिक अकाउंटिंग पर देना चाहिए ध्यान, लापरवाही पर होता है नुकसान

Sat, 23 Aug 2025 02:54 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 23 Aug 2025 02:54 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी के एक कार्यक्रम में सीए आशीष कपूर ने कहा कि चैरिटेबल ट्रस्टों को पारदर्शिता के लिए केवल दान संग्रह तक सीमित न रहकर आधुनिक अकाउंटिंग और ऑडिट पर भी ध्यान देना चाहिए।

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Kanpur CA Ashish Kapoor said Trusts should focus on modern accounting negligence leads to losses
कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी का 19वां रिफ्रेशर कोर्स - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी के 19वें रिफ्रेशर कोर्स के दूसरे दिन चैरिटेबल ट्रस्ट और ऑडिट से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। प्रथम तकनीकी सत्र में सीए आशीष कपूर  ने इश्यूज इन चैरिटेबल ट्रस्ट विषय पर व्याख्यान दिया।उन्होंने कहा कि धारा 12एबी पंजीकरण में समय पर आवेदन न करने पर ट्रस्टों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने धारा 80जी अनुमोदन की प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि कई संस्थाएँ इस अनुमोदन को नवीनीकरण में लापरवाही करती हैं।

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इससे दानदाताओं को टैक्स बेनिफिट नहीं मिल पाता। उन्होंने कार्पस डोनेशन, एनोनिमस डोनेशन, इंटर-चैरिटी डोनेशन जैसी जटिलताओं पर व्यावहारिक केस स्टडीज़ के माध्यम से प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि ट्रस्टों को यदि पारदर्शिता और वैधानिक अनुपालन बनाए रखना है तो उन्हें केवल दान संग्रह तक सीमित न रहकर आधुनिक अकाउंटिंग सिस्टम एवं ऑडिटिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। इस तकनीकी सत्र की अध्यक्षता सीए अरविन्द जैन, सञ्चालन सीए अनुज गुप्ता  एवं सीए ज्ञानेंद्र सचान ने किया। 

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टैक्स ऑडिट 2025 के गाइडेंस नोट पर दी प्रस्तुति
इसके बाद द्वितीय सत्र में सीए विशाल सिंह ने टैक्स ऑडिट 2025 के गाइडेंस नोट एवं क्वालिटी रिव्यु बोर्ड द्वारा इंगित सामान्य कमियां विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-3सीडी की रिपोर्टिंग में सबसे बड़ी समस्या लोन्स एवं एडवांसेज, डेप्रिसिएशन और जीएसटी ऑडिट लिंकिंग में आती है। उन्होंने सीए संस्थान के क्वॉलिटी रिव्यु बोर्ड द्वारा हाल में पाई गई सामान्य त्रुटियों का उल्लेख किया। जैसे रिलेटेड पार्टी ट्रानजैक्सन की अपर्याप्त रिपोर्टिंग, स्टॉक वैल्यूएशन डिस्क्लोजर की कमी, और एम एसएमई ड्यूज की रिपोर्टिंग में त्रुटियां  आदि। 

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