फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Gursahaiganj SHO (transferred to police lines) accused of robbery

कन्नौज: गुरसहायगंज के लाइन हाजिर कोतवाल पर लूट का आरोप, पांच पर प्राथमिकी, पढ़ें मामला

Thu, 10 Sep 2026 10:36 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: Shikha Pandey Updated Thu, 10 Sep 2026 10:36 PM IST
सार

कोतवाली गुरसहायगंज क्षेत्र में कोतवाल पर लूट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस पर लूट की तहरीर बदलकर शांतिभंग में चालान करने का भी आरोप है।

विज्ञापन
Gursahaiganj SHO (transferred to police lines) accused of robbery
लाइन हाजिर कोतवाल अजय कुमार अवस्थी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घर जा रहे टेंपो सवार युवक को दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने रास्ते में रोक कर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। हमलावरों ने उसकी जेब में रखे तीन हजार रुपये लूट लिए। मामले में तत्कालीन कोतवाल समेत पांच लोगों पर कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं, पुलिस पर लूट की तहरीर बदल कर शांतिभंग में चालान करने का भी आरोप है। हालांकि, कोतवाल को एसपी ने दो दिन पहले ही लाइन हाजिर कर दिया है।
विज्ञापन


थाना तालग्राम क्षेत्र के मोहल्ला बजरिया निवासी शेखर ने बताया कि 14 मई की रात साढ़े 11 बजे वह निजी टेंपो से गुरसहायगंज से तालग्राम स्थित घर जा रहा था। विशंभरपुर गांव से कुछ पहले दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने टेंपो रोक लिया। आरोप है कि कोतवाली गुरसहायगंज के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी भी घटना में शामिल हैं। आरोपियों ने गालीगलौज करते हुए तमंचे की बट से उसके साथ मारपीट की और जेब में रखे तीन हजार रुपये जबरन निकाल लिए। आरोपियों ने जाते समय शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन


पीड़ित ने पुलिस को एक बाइक का नंबर बताया और हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया और कोतवाली बुलाया। आरोपियों की पहचान कोतवाली क्षेत्र की चौकी सरायप्रयाग के गांव पनगवां निवासी सिब्बू उर्फ शशांक पांडेय, विकास राठौर, सलीम और शिवम के रूप में हुई। पीड़ित का कहना है कि कोतवाल ने सुलह करने का दबाव बनाया। समझौते से इन्कार करने पर लूट की तहरीर बदल कर केवल मारपीट की घटना लिखने को कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित शेखर के मुताबिक उसने घटना की वास्तविक तहरीर देने पर पुलिस ने गालीगलौज करते हुए उसे कोतवाली से भगा दिया और आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। उसका मेडिकल भी नहीं कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा रास्ते में घेरकर गालीगलौज की है। ऑनलाइन शिकायत और 18 मई को एसपी को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल ध्यानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।


निरस्त होगी प्राथमिकी : एएसपी
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में एक प्रावधान है कि कोर्ट के आदेश पर किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ तभी एफआईआर होगी जब पुलिस का कोई राजपत्रित अधिकारी जांच करेगा और संस्तुति देगा। इस मामले में बिना जांच के प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब जांच के बाद इसे निरस्त कर दिया जाएगा और अंतिम रिपोर्ट कोर्ट को प्रेषित कर दी जाएगी। - अजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed