Kanpur Bullion Scandal: चूड़ियां, चेन और झुमके समेटकर भागे, व्यापारियों ने नहीं किया कोई संदेह, ये थी वजह
Kanpur Crime: पुलिस का मानना है कि सराफा कारोबारियों ने उन्हें देर से जानकारी दी, शनिवार को ही कई कारोबारियों को यह जानकारी हो गई थी कि संपत, उसकी पत्नी और मुकेश माल लेकर फरार हो गए हैं। अगर समय से जानकारी मिलती, तो अब तक कुछ न कुछ सुराग मिल जाता।
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कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अरोरा ने बताया कि संपत राव ने 10 से 15 दिनों में सराफा बाजार के अधिक से अधिक कारोबारियों से सोना व रुपये जुटाए। तीन दशक से बेकनगंज सराफा बाजार में उसके कारोबार करने से कारोबारियों ने भी उस पर संदेह नहीं किया। अचानक शनिवार की रात वह दुकान बंद करके भाग गया। सोमवार तक उसकी दुकान नहीं खुली, तो कारोबारियों को संदेह हुआ।
इस पर संपत, उसके साले महेश और पत्नी संध्या को कॉल किया तो सभी के फोन स्विच ऑफ मिले। ठगी के शिकार हुए कारोबारी बड़ी संख्या में मंगलवार की दोपहर कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के बैनर तले पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे और जेसीपी नीलाब्जा चौधरी से मुलाकात की। पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ज्ञापन सौंपा और संपत व उसके साथियों की गिरफ्तारी करने व माल वापस दिलाने की मांग की।
इस दौरान अपनी व्यथा सुनाते हुए कई छोटे कारोबारियों की आंखें भर आईं। बताया कि संपत ने किसी कारोबारी से ग्राहक को दिखाने के लिए चूड़ियां लीं तो किसी से झुमके और चेन। इस तरह से भी उसने सोना जुटाया। कारोबारियों ने बताया कि संपत की उम्र 45 साल है। वह 15 साल की उम्र में अपने जीजा के साथ यहां आया था। पहले उसके जीजा यही काम करते थे। जल्द ही घुलमिल जाने से संपत को कारोबारी परिवार की तरह मानते थे।
कई कारोबारियों को चेक देकर रकम भी उधार ली
कई से तो उसके घरेलू संबंध भी थे। लगभग एक महीने पहले उसने बाजार में कहा था कि उसके परिवार में शादी है। इस लिए वह दिसंबर के पहले सप्ताह में परिवार के साथ महाराष्ट्र स्थित घर जाएगा। शादी निपटाने के बाद 14 दिसंबर को लौटेगा, इससे पहले वह व्यापारियों का सारा हिसाब खत्म करेगा। इस बीच उसने कई कारोबारियों को चेक देकर रकम भी उधार ली। वहीं, अचानक शनिवार की रात वह भाग गया।
साढ़े 12 बजे फोन उठा, लेकिन कोई आवाज नहीं आई
वहीं, लगातार संपत से संपर्क कर रहे कारोबारियों में से एक ने बताया कि सोमवार रात लगभग साढ़े 12 बजे उसका फोन उठा पर कोई आवाज नहीं आई। यहां एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जीसीपी से कहा कि 48 से 72 घंटे देखने के बाद एसोसिएशन आगे का निर्णय लेगी। इस दौरान महामंत्री अशोक बाजपेई के अलावा आयूब खान, शिव सोनी, दुर्गा केसरवानी, अजय तिवारी समेत कई लोग मौजूद थे। जेसीपी के साथ ही डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार, डीसीपी पश्चिम विजय ढुल भी मौजूद रहे।
रविवार रात कई व्यापारियों से संपर्क कर मांगे रुपये
कारोबारियों ने बताया कि रविवार की रात संपत ने कई लोगों को फोन किया था। उसने बताया कि वह लखनऊ के एक मॉल में परिवार के साथ खरीदारी करने आया है। पैसे कम पड़ गए है, उसे ऑनलाइन खाते में रुपये ट्रांसफर कर दें। संपत पर विश्वास कर कई व्यापारियों ने रुपये भेजे थे। कारोबारियों ने कहा कि अगर पुलिस उसके खाते की जांच करेगी, तो उसके रुपयों का ट्रांजेक्शन करने पर लोकेशन मिल सकती है।
दिल्ली, मुंबई या नेपाल भागने की आशंका
सोमवार को संपत के भागने की जानकारी होने पर पीड़ित कारोबारियों ने बाजार में हंगामा करने के बाद बजरिया थाने में तहरीर दी। वहां सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार को कारोबारी जेसीपी से मिले और शिकायत दर्ज कराई। जेसीपी ने बताया कि आरोपी व साथियों को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसके साथ ही एफआईआर भी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं दिल्ली, मुंबई समेत अन्य एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर उसकी तस्वीर भी साझा की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि सराफा कारोबारियों ने देर से जानकारी दी
एक जानकारी यह भी मिली है कि वह महाराजगंज बॉर्डर से होता हुआ नेपाल भी भाग सकता है। इस पर महाराजगंज पुलिस से भी संपर्क कर संपत की तस्वीर साझा की गई है। वहीं, पुलिस का मानना है कि सराफा कारोबारियों ने उन्हें देर से जानकारी दी, शनिवार को ही कई कारोबारियों को यह जानकारी हो गई थी कि संपत, उसकी पत्नी और मुकेश माल लेकर फरार हो गए हैं। अगर समय से जानकारी मिलती तो अब तक कुछ न कुछ सुराग मिल जाता।