Kanpur: राधाकृष्ण के तीन मंदिरों का अस्तित्व मिटा बना दीं इमारतें, शत्रु संपत्तियों की खोज में सामने आया मामला
बेकनगंज में राधाकृष्ण महाराज के जो तीन मंदिर सामने आए हैं, उसके रखरखाव व देखरेख का जिम्मा प्रबंधक खारूलाल, श्यामलाल और चुन्नीलाल का रहा है। इसके पूरे दस्तावेज भी मौजूद हैं। अब इन दस्तावेजों को रजिस्ट्री के उन कागजातों से मिलाने की तैयारी की जा रही है, जिन लोगों ने हेराफेरी करके इन जमीनों की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है।
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कानपुर के बेकनगंज स्थित राम जानकी मंदिर को शत्रु संपत्तियों के नाम पर कब्जा करने के बाद अब इसी क्षेत्र में राधाकृष्ण के तीन ऐसे मंदिरों का पता चला है, जिसका अस्तित्व मिटाकर उसकी जमीन पर कई मंजिला इमारतें बना दी गई हैं। इस संबंध में शत्रु संपत्ति संरक्षण संघर्ष समिति की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे प्रशासन को भेजा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष शफीकउल्ला गाजी ने अपनी रिपोर्ट में इस पूरेे मामले में नई सड़क बवाल में आरोपी बनाए गए मुख्तार बाबा व उनके रिश्तेदारों की मिलीभगत बताई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि इसमें स्थित शत्रु संपत्तियों की जांच कराई जाए तो अभी कई और मंदिरों के अस्तित्व का पता चलेगा। बताया कि बेकनगंज में राधाकृष्ण महाराज के जो तीन मंदिर सामने आए हैं, उसके रखरखाव व देखरेख का जिम्मा प्रबंधक खारूलाल, श्यामलाल और चुन्नीलाल का रहा है। इसके पूरे दस्तावेज भी मौजूद हैं।
अब इन दस्तावेजों को रजिस्ट्री के उन कागजातों से मिलाने की तैयारी की जा रही है, जिन लोगों ने हेराफेरी करके इन जमीनों की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। समिति की ओर से इस क्षेत्र में स्थापित मंदिरों और शत्रु संपत्तियों का 1927 से लेकर अभी तक के दस्तावेजों का मुआयना किया गया है, जिसमें बताया गया है कि बड़े पैमाने पर कागजों में हेराफेरी की गई है। यह भी आरोप है कि इस हेराफेरी में मुख्तार बाबा के अलावा एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं, जो मुख्तार से जुड़े बताए जाते हैं।