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कानपुर-इलाहाबाद हाईवे चौड़ीकरण की तैयारी फिर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:42 AM IST
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कानपुर (चकेरी) से लेकर इलाहाबाद (बाईपास) तक एनएच-2 के चौड़ीकरण की राह खुलने की उम्मीद बंधी है। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एक बार फिर चौड़ीकरण के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी कर ली है।
15 दिसंबर को टेंडर जारी किए जाएंगे। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक इस बार बीओटी की बजाय इंजीनियरिंग एंड प्रीक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर टेंडर जारी करने की तैयारी है। निर्माण कंपनियों के इंतजार में बीते डेढ़ साल से फोर लेन हाईवे का सिक्स लेन में चौड़ीकरण अटका है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि दो बार निकाले गए टेंडरों में निर्माण कंपनियों ने भाग नहीं लिया था। मुख्यालय स्तर पर चौड़ीकरण के लिए 15 दिसंबर को टेंडर प्रक्रिया प्रस्तावित है।
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बीओटी बनाम ईपीसी
बिल्ड ऑपरेटर ट्रांसफर (बीओटी) मोड में निर्माण का पूरा खर्च कंपनी उठाती है। इसके बदले कंपनी को निश्चित समय तक टोल के जरिए निवेश की वसूली करने का अधिकार दिया जाता है। इंजीनियरिंग एंड प्रीक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में निर्माण कराने वाली संस्था या सरकार निवेश करती है।
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15 दिसंबर को टेंडर जारी किए जाएंगे। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक इस बार बीओटी की बजाय इंजीनियरिंग एंड प्रीक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर टेंडर जारी करने की तैयारी है। निर्माण कंपनियों के इंतजार में बीते डेढ़ साल से फोर लेन हाईवे का सिक्स लेन में चौड़ीकरण अटका है।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि दो बार निकाले गए टेंडरों में निर्माण कंपनियों ने भाग नहीं लिया था। मुख्यालय स्तर पर चौड़ीकरण के लिए 15 दिसंबर को टेंडर प्रक्रिया प्रस्तावित है।
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बीओटी बनाम ईपीसी
बिल्ड ऑपरेटर ट्रांसफर (बीओटी) मोड में निर्माण का पूरा खर्च कंपनी उठाती है। इसके बदले कंपनी को निश्चित समय तक टोल के जरिए निवेश की वसूली करने का अधिकार दिया जाता है। इंजीनियरिंग एंड प्रीक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में निर्माण कराने वाली संस्था या सरकार निवेश करती है।