Kanpur: अखिलेश दुबे को हाईकोर्ट से राहत, वक्फ संपत्ति कब्जा मामले में जमानत मंजूर, यह है मुकदमों की स्थिति
Kanpur News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के वक्फ संपत्ति विवाद में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जमानत दे दी है। अगस्त 2025 से जेल में बंद अखिलेश पर धोखाधड़ी और रंगदारी के आरोप थे, लेकिन सह-आरोपियों को मिली राहत के आधार पर उन्हें बेल मिली।
विस्तार
कानपुर में वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति हरवीर सिंह ने अखिलेश की जमानत मंजूर कर ली। अखिलेश अगस्त 2025 से जेल में बंद है। मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख आसिफ जाह ने ग्वालटोली थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकाने, रंगदारी वसूलने और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें अखिलेश दुबे को भी आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि सिविल लाइंस स्थित वक्फ शेख फखरुद्ददीन हैदर की संपत्ति पर अखिलेश दुबे व उसके साथियों ने धोखे से कब्जा कर लिया। बड़ी-बड़ी इमारतें व गेस्ट हाउस बनाकर करोड़ों रुपये कमाए। विजिलेंस जांच के बाद वर्ष 2016 में एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी, इसमें चार्जशीट भी लग चुकी है। इसमें पैरवी न करने के लिए मोईनुद्दीन को धमकी दी।
झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया
पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी और उसकी हत्या की कोशिश भी की गई। इसी मामले में जमानत के लिए अखिलेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जहां झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। कहा कि एक साल में बेवजह कई एफआईआर दर्ज की गईं। मुकदमे में लगे आरोप दीवानी प्रकृति के हैं, जिसका दीवानी वाद भी लंबित है। रंगदारी मांगने या देने के कोई सबूत नहीं हैं, जिस इलाके में हत्या की कोशिश की बात कही जा रही है।
पावर ऑफ अटार्नी का इस्तेमाल किया
वहां रिपोर्ट दर्ज न कराकर कानपुर में दर्ज कराई गई, जो संदिग्ध है। अभियोजन की ओर से कहा गया कि अखिलेश ही गैंग का मास्टरमाइंड है। उसी के गैंग के सदस्यों ने संपत्ति हड़पने के लिए धमकाकर कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए। कूटरचित दस्तावेज बनवाए। मरे हुए व्यक्ति की पावर ऑफ अटार्नी का इस्तेमाल किया। दस्तावेजों को देखने के बाद कोर्ट ने पाया।
अखिलेश दुबे की जमानत स्वीकार कर ली
तीन सह आरोपियों राजकुमार शुक्ला, सर्वेश दुबे और जयप्रकाश दुबे को पहले ही अंतरिम अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सह आरोपी सौम्या दुबे को अग्रिम जमानत जबकि सभाजीत मिश्रा को नियमित जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या दुबे व सर्वेश दुबे के खिलाफ कार्रवाई पर रोक भी लगाई है। सभी तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने अखिलेश दुबे की जमानत स्वीकार कर ली है।
यह है अखिलेश के मुकदमों की स्थिति
अखिलेश दुबे के खिलाफ अब तक कुल पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं। एक बर्रा थाने में भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा, दूसरी किदवई नगर थाने में व्यापारी सुरेश पाल द्वारा, तीसरी किदवई नगर थाने में सामाजिक कार्यकर्ता शैलेंद्र कुमार द्वारा और चौथी कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाकर रंगदारी मांगने व धमकाने से संबंधित आरोपों में दर्ज हुई थी, जबकि पांचवीं रिपोर्ट ग्वालटोली थाने में वक्फ की संपत्ति पर कब्जा करने के मामले में दर्ज हुई थी।
वक्फ संपत्ति के मुकदमे में जमानत मिल गई
इसके बाद होटल मालकिन रहीं प्रज्ञा त्रिवेदी ने डकैती के एक पुराने मुकदमे में कोर्ट से अग्रिम विवेचना की मांग की थी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। अग्रिम विवेचना के दौरान इस मामले में भी अखिलेश का नाम सामने आया था। इस तरह अखिलेश के खिलाफ छठा मुकदमा भी दर्ज हो गया था। इनमें से रवि सतीजा, शैलेंद्र कुमार, संदीप शुक्ला, प्रज्ञा त्रिवेदी और वक्फ संपत्ति के मुकदमे में अखिलेश को जमानत मिल गई है।
अदालत में पांच मुकदमे लंबित
वहीं सुरेश पाल के मुकदमे में अखिलेश की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वक्फ मामले को छोड़कर बाकी सभी मुकदमों में अखिलेश के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। वर्तमान में अखिलेश के खिलाफ अदालत में पांच मुकदमे लंबित हैं।