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Kanpur: बीमारी का बहाना या जेल से बचने का खेल? अखिलेश दुबे के अस्पताल में भर्ती होने पर सवाल, पढ़ें पूरा मामला
Thu, 09 Apr 2026 03:31 PM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Thu, 09 Apr 2026 03:31 PM IST
सार
Kanpur News: रंगदारी के मामले में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के उर्सला अस्पताल में भर्ती होने पर मुक्ति मोर्चा ने डीएम से शिकायत कर इसे आपराधिक षड्यंत्र बताया है। डीएम ने मामले की जांच के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
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ज्ञापन देने वाले रवि सतीजा, सौरभ भदौरिया और अन्य
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर रंगदारी वसूलने के मामलों में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे हृदय संबंधी बीमारी की बात कहकर कुछ दिनों से उर्सला अस्पताल में भर्ती है। इस संबंध में अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने गुरुवार को डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। डीएम ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है और जल्द ही निरीक्षण का आश्वासन भी दिया है।
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डीएम से शिकायत करने पहुंची प्रज्ञा त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि अखिलेश शातिर अपराधी है। एक मामले में हाईकोर्ट तक से उसकी जमानत खारिज हो चुकी है और इतने शातिर अपराधी को बेवजह अस्पताल में भर्ती रखना सुरक्षा के लिए खतरा है। अखिलेश ने हृदय संबंधी बीमारी की बात कही है, जबकि इसके लिए उसे कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया जाना चाहिए था न कि उर्सला के आईसीयू में रखना चाहिए था।
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अखिलेश को फर्जी तरीके से अस्पताल में भर्ती पाया
उर्सला के जिस डॉक्टर की देखरेख में उसे भर्ती किया गया है। वह खुद फर्जी मेडिकल बनाने के मामले में जेल भेजा जा चुका है। इसके पहले भी डीएम और जिला जज ने निरीक्षण के दौरान अखिलेश को फर्जी तरीके से अस्पताल में भर्ती पाया था, जिसके बाद कार्रवाई भी की गई थी। बार-बार बीमारी का बहाना बनाकर जेल से अस्पताल में भर्ती होना आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है। इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में रवि सतीजा, सौरभ भदोरिया आदि शामिल रहे।