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Kanpur: युद्ध के बीच ‘रिलीफ योजना' से मिली संजीवनी; 20 करोड़ के उत्पाद खाड़ी देशों को रवाना, ये बोले कारोबारी

Sat, 04 Apr 2026 09:55 AM IST
Himanshu Awasthi अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 04 Apr 2026 09:55 AM IST
सार

Kanpur News: अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बाधित हुआ कानपुर का निर्यात 'रिलीफ योजना' के जरिए दोबारा शुरू हो गया है। हवाई मार्ग से 20 करोड़ का माल खाड़ी देशों को भेजा गया है, जबकि न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ नए व्यापार समझौतों की तैयारी है।

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Kanpur A Lifeline Amidst the War Products Worth 20 Crore Dispatched to Gulf Nations
निदेशक आलोक श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी तनाव चरम पर बना हुआ है। इस बीच युद्धग्रस्त सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान को शहर से निर्यात फिर से शुरू हो गया है। रिलीफ योजना के तहत 25 मार्च से दो अप्रैल के बीच शहर से 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के छोटे निर्यात ऑर्डर भेजे गए हैं। इन खेपों को हवाई जहाज से भेजा गया है। निर्यात किए गए सामानों में केमिकल, सैडलरी, चमड़ा के बने उत्पाद, कपड़ा और खाद्य वस्तुएं शामिल हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से युद्ध चल रहा है।

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इसके चलते गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देशों में शामिल सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर और बहरीन के अलावा इस्राइल, ईरान को निर्यात ठप हो गया था। इस कारण शहर के निर्यातकों को अरबों रुपये का झटका लगा था। हालांकि समुद्री मार्गों में अभी भी शहर के निर्यातकों के कन्साइनमेंट फंसे हुए हैं। समुद्र से माल भेजने में अभी भी जोखिम बना हुआ है। इसको देखते हुए सरकार ने 19 मार्च को रिलीफ योजना शुरू की थी।

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इन देशों में होने वाले निर्यातों पर लागू की गई है योजना
यह योजना उन निर्यातकों के लिए है, जो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण माल भेजने में देरी, परिवहन लागत में वृद्धि और बीमा प्रीमियम महंगा होने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। योजना के तहत पहले से बीमित निर्यातकों को 100 फीसदी तक जोखिम कवर मिलेगा। नए निर्यातकों को सरकारी सहायता के साथ 95 फीसदी तक जोखिम कवर दिया जाएगा। यह योजना संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, इराक, ईरान और इस्राइल जैसे देशों में होने वाले निर्यातों पर लागू की गई है।

20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के निर्यात ऑर्डर भेजे
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि रिलीफ योजना के तहत शहर के कुछ निर्यातकों ने हवाई जहाज के जरिये अपने-अपने छोटे निर्यात ऑर्डर संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान को भेजे हैं। 25 मार्च से दो अप्रैल के बीच शहर से 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ये निर्यात ऑर्डर भेजे गए हैं। इसमें केमिकल, सैडलरी, कपड़ा और खाद्य वस्तुएं शामिल हैं। जीसीसी देशों को शहर से पूर्व में भी चमड़ा और चमड़ा का उत्पाद, किचन सब्जी मसाला, कपड़ा, इंजीनियरिंग आदि का निर्यात किया जाता था। युद्ध के कारण निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया था लेकिन अब जोखिम के बीच हवाई जहाज से निर्यात ऑर्डर भेजे गए हैं।

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ओशिनिया क्षेत्र के देशों में मिलेंगे अवसर
आलोक ने बताया कि केंद्र सरकार ने न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ जल्द मुक्त व्यापार समझौता लागू करने की बात कही है। इससे निर्यातकों को संकट के बीच बाजार में पैठ बनाने का बड़ा मौका होगा। न्यूजीलैंड छोटा देश जरूर है लेकिन वहां पर चमड़ा और कपड़ा बाजार का बहुत अच्छा बाजार है। न्यूजीलैंड से मुक्त बाजार शुरू होने से ओशिनिया क्षेत्र के देश पापुआ न्यू गिनी, फिजी, वनुआटू, समोआ, टोंगा, पलाऊ, माइक्रोनेशिया में भी पहुंच बढ़ सकेगी। ब्रिटेन बहुत अच्छा बाजार पहले से ही है। ओमान में व्यापार बढ़ने से जीसीसी देशों में और निर्यात बढ़ने की संभावना बन सकेगी।

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