UP: वर्दी में दिखी ‘ममता’ की मूरत, मूक-बधिर बच्ची को नहला-खिलाकर बनाया अपना, सोशल मीडिया की रील ने मां से मिलव
Kanpur News: कानपुर में बिछड़ी एक मूक-बधिर बच्ची को महिला कांस्टेबल मंदाकिनी ने अपनी ममता और सोशल मीडिया रील के जरिए 24 घंटे के भीतर उसकी मां से मिलवा दिया। पुलिस की इस मानवीय पहल की हर तरफ चर्चा है।
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यूपी पुलिस की वर्दी के पीछे छिपी मानवीय संवेदना का एक भावुक कर देने वाला मामला कानपुर में देखने को मिला। यहां एक अपनों से बिछड़ी मूक-बधिर बच्ची के लिए महिला कांस्टेबल मंदाकिनी फरिश्ता बनकर सामने आईं। कांस्टेबल ने न केवल बच्ची को सुरक्षा दी, बल्कि अपनी ममता से उसे घर जैसा माहौल भी प्रदान किया।
बेटी की तरह की देखरेख भूखी और सहमी हुई बच्ची जब महिला कांस्टेबल मंदाकिनी के संपर्क में आई, तो उनके भीतर की ममता उमड़ पड़ी। मंदाकिनी ने बच्ची को अपनी बेटी की तरह दुलार किया, उसे नहलाया और अपने हाथों से खाना खिलाया। बच्ची को अहसास तक नहीं होने दिया कि वह अपने परिवार से दूर है।
24 घंटे के भीतर बच्ची की मां ग्वालटोली थाने पहुंच गई
वहीं, महिला एसआई कंचन रागिनी ने बच्ची के लिए नए कपड़े लाकर उसके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने में अपना योगदान दिया। बच्ची को उसके परिजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कांस्टेबल मंदाकिनी ने उसके साथ एक रील सोशल मीडिया पर साझा की। रील पोस्ट होने के महज 24 घंटे के भीतर बच्ची की मां ग्वालटोली थाने पहुंच गई।
कांस्टेबल मंदाकिनी बोली- मुझे वह बच्ची अपनी बेटी जैसी लगी
भावुक कर देने वाला मिलन अपनी मां को देखते ही बच्ची मुस्कुराती हुई दौड़ी और उनसे लिपट गई। मां-बेटी का यह मिलन देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। कांस्टेबल मंदाकिनी ने भावुक होकर कहा कि मुझे वह बच्ची अपनी बेटी जैसी लगी। कानपुर पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर सराहना हो रही है।