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कानपुर: तीन भागों में बंटवाकर हथियाया 30 लाख का टेंडर, प्रोफेसर ने पत्नी के नाम पर चलाई फर्म, खुला काला चिट्ठा

Thu, 27 Aug 2026 10:59 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 27 Aug 2026 10:59 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों और ठेकेदारों के गठजोड़ की परतें लगातार खुल रही हैं। एक फर्म ने सदन की स्वीकृति से बचने के लिए 30 लाख के इंटरलॉकिंग टेंडर को 10-10 लाख के तीन भागों में बांटकर हथिया लिया था।

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Kanpur 30 lakh tender secured by splitting it into three parts professor ran firm in wifes name
कानपुर नगर निगम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर नगर निगम में अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार सिंडिकेट का गठजोड़ अब खुलता जा रहा है। ब्लैकलिस्ट की गईं पांच कंपनियों के कराए गए कार्यों पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से अधिकतर कार्य सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग जैसे थे, जिनमें से कई में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। एक फर्म ने तो 30 लाख के इंटरलॉकिंग का टेंडर तीन भागों में बंटवाकर हथियाया था।

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नगर आयुक्त ने टेंडर घोटाले की जांच कराई जिसमें पांच फर्मों में अनियमितताएं मिलने पर सभी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। पांचों के खिलाफ फजलगंज, स्वरूपनगर में एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं। नगर निगम में करीब 400 फर्में पंजीकृत हैं, जबकि 27 बड़े ठेकेदार हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े हैं। सिंडिकेट बनाकर ठेके हासिल करने और अवैध वसूली के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।

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30 लाख से इंटरलॉकिंग कार्य होना था
ब्लैकलिस्ट किए गए पांच ठेकेदारों के करीब 60 लाख के कार्यों के ठेके हुए थे। अब इनकी भी जांच कराई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि पिछले साल वार्ड- 64 में सर्वोदयनगर में 30 लाख से इंटरलॉकिंग कार्य होना था। नियमानुसार 30 लाख के टेंडर के लिए सदन से स्वीकृति लेनी होती है।

कई सड़कों के पैचवर्क का ठेका 50 लाख में लिया
तब प्रार्थना शुक्ला के नाम से पंजीकृत तिरुपति ट्रेडर्स ने सिंडिकेट गोविंद शर्मा से अधिकारियों पर दबाव बनवाया और 30 लाख के टेंडर को 10-10 लाख के तीन टेंडर में परिवर्तित करा अपने और साथियों के नाम से हथिया लिया।  इसी तरह रज्जन बाजपेई की जगदंबा इंटरप्राइजेज ने एफएम कॉलोनी में महापौर के आवास की रोड, 2022 में रीजेंसी के पीछे की सड़क और फरवरी 2025 में कई सड़कों के पैचवर्क का ठेका 50 लाख में लिया था।

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छह माह पहले 70 लाख से बनी सड़क जगह-जगह उखड़ी
सरगना गोविंद शर्मा की कैला इंटरप्राइजेज फर्म को करीब छह माह पहले वीआईपी रोड से एलेन हाउस स्कूल तक की सड़क बनाने के लिए 70 लाख रुपये में ठेका मिला। टेंडर हुआ लेकिन काम शुरू नहीं किया जा रहा था। इस बीच मुख्य सचिव का दौरे को देखते हुए नगर निगम को आनन-फानन में इस रोड का 20 लाख में पैचवर्क कराना पड़ा। बाद में सड़क फिर खोदवाकर बनवाई गई जो अब कई जगह से उखड़ चुकी है। इसमें नगर निगम को पैचवर्क कराने में 20 लाख का नुकसान हुआ।

पत्नी को बना दिया फर्म की मालकिन
तिरुपति ट्रेडर्स के मालिक राजेश शुक्ला डीबीएस कॉलेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। पहले वह खुद ही नगर निगम के ठेकों का काम देखते थे लेकिन बाद में जब सरकारी नौकरी जाने का डर सताने लगा तो पत्नी प्रार्थना शुक्ला को अपनी फर्म की मालकिन बना दिया। सूत्रों की मानें तो सिर्फ लिखापढ़ी में ही प्रार्थना शुक्ला का नाम है जबकि राजेश ही टेंडर मैनेज करने से लेकर निर्माण कार्य तक खुद ही देखते हैं। इसी तरह नगर निगम में कार्यरत कई अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम से भी फर्में पंजीकृत हैं।

10 करोड़ से बारिश में वाॅल पेंटिंग, जांच शुरू
शहर में बारिश के समय वाॅल पेंटिंग के लिए करीब 10 करोड़ से ठेका निकाल दिया गया। इसका कार्य भी शुरू हो गया है लेकिन पूरे शहर में मानक के विपरीत वाॅल पेंटिंग की जा रही है। इसकी शिकायत भी नगर आयुक्त तक पहुंची जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू कराई है। उन्होंने बताया कि कार्य कैसे और किसकी इजाजत से निकला गया, ठेका किसे दिया गया, इसकी जांच कराई जा रही है।

ये है हॉट मिक्स प्लांट से जुड़ीं 27 फर्में
मेसर्स गणेश एंड कंपनी, मेसर्स आईजे टाइल्स इंडस्ट्रीज, मेसर्स तिरुपति ट्रेडर्स, मेसर्स केला देवी, मेसर्स श्रीराम इंफ्रा., मेसर्स राजीवीर सिंह, मेसर्स आनंद कंस्ट्रक्शन, मेसर्स रिसन इंटरनेशनल, मेसर्स राय इंटरप्राइजेज, श्री तिरुपति इंटरप्राइजेज, आरआर इंटरप्राइजेज, लायन कंस्ट्रक्शन, पारसनाथ बिल्डर्स, अखिलेश एसोसिएट, माया बिल्डर्स, अजय इंटरप्राइजेज, दिलीप कुमार बाजपेई, बलबीर सिंह, जगदंबा इंटरप्राइजेज, डीएलजी इंटरप्राइजेज, दिव्या इंटरप्राइजेज, मां शारदा, अर्पिता एसोसिएट, गायत्री स्टोनिक्स, अवध बिल्डर्स, जय श्रीहरि ट्रेडर्स, एसएंडबी इंफ्रा।

ठेकों में धांधली करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, फिर चाहे वह नगर निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी ही क्यों न हो। फिलहाल जांच चल रही है, रिपोर्ट आते ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।  -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त

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