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कानपुर: शादी के 21 दिन बाद पत्नी की हत्या में दहेज लोभी पति को भुगतनी होगी दस साल कैद

Fri, 05 Feb 2021 08:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 05 Feb 2021 08:08 AM IST
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Kanpur: 21 days after marriage, husband will suffer ten years in prison for dowry in murder of wife
कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
शादी के 21 दिन बाद ही नवविवाहिता की दहेज के लिए हत्या कर देने वाले पति को अपर जिला जज 13 की कोर्ट ने दस साल कैद और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सबूतों के अभाव में जेठ व जेठानियों तथा शादी कराने वाले मझवानी को दोषमुक्त करार दिया है।
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एक जेठ की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी थी। कानपुर देहात के रूरा निवासी महावीर सिंह ने पौत्री अनीता उर्फ डॉली की शादी बर्रा निवासी देवेश सिंह केे साथ 21 मई 2011 को की थी। 11 जून को अनीता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। महावीर ने बर्रा थाने में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा कि शादी के समय ही देवेश और उसके भाई बृजेश व पप्पू ने कम दहेज की बात कहकर अनीता की विदाई से इनकार कर दिया था। चौथी पर सोने की चेन और दस हजार रुपये की मांग पूरी करने का आश्वासन देकर विदाई करा दी गई थी।

इसके बाद 29 मई और 10 जून को अनीता ने फोन करके मारपीट की बात कही तो 11 जून को महावीर बर्रा पहुंचे, तब अनीता के हैलट में भर्ती होने की सूचना मिली। हैलट जाकर देखा तो अनीता की मौत हो चुकी थी। एडीजीसी अजय प्रकाश सिंह ने बताया कि  कोर्ट ने पति को सजा सुनाई जबकि बाकी सभी को दोषमुक्त करार दिया है।

तीन साल की उम्र से बाबा ने पाला था
एडीजीसी ने बताया कि अनीता के माता-पिता की मौत हो चुकी थी। तीन साल की उम्र से ही बाबा महावीर ने उसे पाला और अपनी दो बीघा जमीन बेचकर पौत्री की बड़े अरमान के साथ शहर में शादी की थी। विवेचना में टूटी चूड़ियां, हाथ में चोटें व खून के धब्बे मिलने से साबित हुआ था कि मरने से पहले अनीता ने काफी संघर्ष किया था। वह भूमितल से प्रथम व द्वितीय तल तक भागी लेकिन जान नहीं बचा सकी। पौत्री के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए बुजुर्ग महावीर ने कोर्ट में बेखौफ गवाही दी थी। 
 
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