किस्मत हादसे के मंजर तक खींच ही लाई
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अंबेडकर नगर के थाना जलालपुर निवासी गंगाप्रसाद सोनी अपने परिवार के साथ दिल्ली रहते हैं। कुछ दिनों पहले वे अपने गांव जलालपुर आए थे। मंगलवार रात दिल्ली जाने के लिए अंबेडकर नगर के स्टेशन से कैफि यात एक्सप्रेस में बैठ गए। वह बताते हैं कि आरक्षण न मिलने के कारण वह ट्रेन की अंतिम जनरल बोगी में बैठ गए। इसके बाद जैसे ही ट्रेन लखनऊ में रुकी और इंजन बदला तो वह ट्रेन के इंजन से दूसरी बोगी हो गई। पहले बोगी जनरेटर यान की थी। गंगा प्रसाद बताते है कि वह और उनकी पत्नी जाग रहे थे।
उनकी बेटी लाडो और बेटा सो गए। जैसे ही ट्रेन में धमाके के साथ झटका लगा तो लाडो दूर जा गिरी। बोगी चारों तरफ हिली और पलट गई। सब एक के ऊपर एक चड़े थे। हर कोई किसी तरह बाहर निकलने के लिए भाग रहा था। बेटी भी दब गई। किसी तरह धीरे धीरे करके लोग पलटी हुई बोगी से बाहर निकले। बाहर कोहराम मचा हुआ था। पत्नी कुसुम सोनी व बेटी डालडो बदहवाश बाहर बैठ गई। अस्पताल में अभी भी मौत का मंजर तैर रहा था। लग रहा था कि जैसे कई की जान चली गई होगी।
- लखनऊ में इंजन बदला तो पीछे से आगे आ गई थी बोगी
- आठ साल की मासूम दहशत में हो गई बेहोश