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जेईई मेन 2026 : केमिस्ट्री रही स्कोरिंग, गणित व फिजिक्स ने ली असली परीक्षा

Fri, 23 Jan 2026 03:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 03:00 AM IST
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JEE Main 2026: Chemistry was scoring, while Mathematics and Physics proved to be the real test.
कानपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित जेईई मेन 2026 सत्र-1 के एग्जाम में फिजिक्स और गणित के प्रश्नपत्रों ने छात्रों की तैयारी और समय प्रबंधन की परीक्षा ली, जबकि केमिस्ट्री अनुभाग स्कोरिंग साबित हुआ। दोनों शिफ्टों में तीन केंद्रों पर कुल 3374 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 3170 उपस्थित रहे, जबकि 204 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
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परीक्षा विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने बताया कि पेपर संतुलित रहा। हालांकि गणित में समय प्रबंधन और फिजिक्स में गणनात्मक प्रश्नों ने छात्रों की परीक्षा रणनीति को चुनौती दी। पहली शिफ्ट में फिजिक्स को मॉडरेट से टफ श्रेणी का माना गया। अवधारणाओं की गहरी समझ और संख्यात्मक सटीकता की आवश्यकता थी।
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कई प्रश्न गणनात्मक होने के कारण समय अधिक लगा। रे ऑप्टिक्स का वेटेज सर्वाधिक रहा, जबकि ग्रेविटेशन और इलेक्ट्रोस्टैटिक्स से सीधे और फॉर्मूला आधारित प्रश्न पूछे गए। वेव ऑप्टिक्स और कैपेसिटर से कोई प्रश्न नहीं था।दूसरी शिफ्ट में कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्नों के साथ कुछ न्यूमेरिकल शामिल रहे। इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी, लॉज ऑफ मोशन और मॉडर्न फिजिक्स प्रमुख रहे। मजबूत फंडामेंटल्स वाले छात्रों के लिए यह सेक्शन संतुलित रहा।
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केमिस्ट्री का पेपर सिलेबस आधारित था, जिसमें थर्मोडायनामिक्स का वेटेज सबसे अधिक रहा। केमिकल बॉन्डिंग और पी-ब्लॉक से अनुमानित प्रश्न आए। ऑर्गेनिक के प्रश्न सीधे एनसीईआरटी की प्रतिक्रियाओं पर आधारित थे, जिससे अच्छे रिवीजन वाले छात्रों को लाभ मिला। दूसरी शिफ्ट में केमिकल बॉन्डिंग, कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स, मोल कॉन्सेप्ट और ऑर्गेनिक के बेसिक मेकैनिज्म से प्रश्न आए, जिससे यह सेक्शन स्कोरिंग रहा।


पहली शिफ्ट में गणित के प्रश्न समय खपाने वाले थे। वेक्टर और 3डी ज्योमेट्री का दबदबा रहा और कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री से भी कई प्रश्न पूछे गए। कैलकुलस मध्यम स्तर की रही, जबकि प्रॉबेबिलिटी, लिमिट्स और स्टैटिस्टिक्स से कोई प्रश्न नहीं आया। वहीं दूसरी शिफ्ट में गणित को टफ श्रेणी में रखा गया। प्रश्न लंबे और गणनात्मक थे। कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री, वेक्टर-3डी और मैट्रिस व डिटरमिनेंट्स पर जोर दिया गया। मनोज ने कहा कि सही टाइम मैनेजमेंट करने वाले छात्र ही बेहतर प्रदर्शन कर पाए।
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