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यूपी: 40 की उम्र में 50 से अधिक बच्चों को बनाया हवस का शिकार, जेई ने सिंचाई विभाग की कमाई पानी की तरह बहाई

Tue, 17 Nov 2020 09:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 17 Nov 2020 09:45 PM IST
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JE arrested for doing dirty work with minor and innocent children
सांकेतिक तस्वीर
40 से भी कम उम्र में 50 से अधिक बच्चों और किशोरियों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रामभवन के गुनाहों का इतिहास एक दशक से भी ज्यादा पुराना है।
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पर्दाफाश होने का सिलसिला यहां वर्ष सन 2012 में किशोरी की खुदकुशी से शुरू हुआ। लेकिन सिंचाई विभाग की कमाई पानी की तरह बहा कर अवर अभियंता ने अपने को बचा लिया। न पुलिस सुनी न ही समाज के किसी मठाधीश ने।
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मंगलवार को सीबीआई द्वारा दिल्ली की अदालत में पेश किए गए आरोपी अवर अभियंता की गिरफ्तारी जांच एजेंसी सीबीआई ने यहां 2 नवंबर को की थी। एक सहायक अभियंता को भी हिरासत में लिया था।
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यह खबर 3 नवंबर के अमर उजाला के प्रथम पृष्ठ पर छपी थी। सीबीआई ने दोनों से यहां रेस्ट हाउस में लंबी पूछताछ की थी। अपनी पत्नी और बच्चों को गुमराह कर अवर अभियंता ने कई बच्चों और किशोरियों के साथ न सिर्फ घिनौना खेल खेला बल्कि उनके वीडियो बनाकर उन्हें इंटरनेशनल साइट में अपलोड करके करोड़ों रुपये कमाए।

अवर अभियंता अपनी तकनीकी योग्यता का पूरा इस्तेमाल करते हुए सारा काम इतने शातिर तरीके से करता रहा कि काफी दिनों तक उसके इस गुनाह की भनक किसी को नहीं लगी। यही वजह है कि शोषण के शिकार हुए बच्चों का आंकड़ा आधा सैकड़ा पार कर गया है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने अवर अभियंता के कब्जे से करीब 8 लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन, लैपटॉप, वेब कैमरे, इलेक्ट्रिानिक स्टोरेज डिवाइस और पेन ड्राइव बरामद की हैं। अभियंता का परिवार इस हरकत से अंजान है।

सीबीआई टीम ने जेई रामभवन के चालक अभय कुमार को भी हिरासत में लेकर दो-तीन दिन तक लंबी पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। जेई को अपने साथ प्रयागराज ले गई थी।

मूल रूप से बांदा जनपद के नरैनी निवासी अवर अभियंता रामभवन बुंदेलखंड के कई जिलों में विभागीय कार्य देखता रहा है। सूत्र बताते हैं कि प्रयागराज में इसका अक्सर आना जाना था। वहीं किसी साइबर विशेषज्ञ की मदद से इसका रैकेट चलता था।

दो नवंबर को पकड़ा, आज अदालत में किया पेश
दिल्ली की सीबीआई टीम का अभियान बेहद गुप्त रहा। टीम दो नवंबर को मुख्यालय आकर जेई रामभवन का पता लगाने को पहले सिंचाई विभाग कार्यालय और वहीं पर स्थित आवासीय कालोनी पहुंची थी।

वहां पर जेई के न मिलने पर उसके किराए के घर एसडीएम कालोनी पहुंची। यहां उसे विभाग के एई के साथ पकड़ लिया। उसका मोबाइल लैपटाप, दो दर्जन पेन ड्राइव, चिप, कैमरे  अन्य सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया था। 4 नंवबर को सीबीआई टीम उसे लेकर यहां से चली गई थी।

10 साल से चित्रकूट में है तैनात
अवर अभियंता रामभवन 10 साल से चित्रकूट में तैनात है। हमीरपुर से ट्रांसफर होकर आने पर यहां सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने कपसेठी गांव में एक किराए के घर में रहता था। कुछ साल बाद उसका परिवार भी यहीं आ गया था।

विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि वह कभी विभागीय कालोनी में नहीं रहता था। वर्ष 2012 में किशोरी की खुदकुशी में इसका नाम आने के बाद से वह घर बदलकर एसडीएम कालोनी में रहने लगा। यह भी बताया गया कि अक्सर वह अपनी पत्नी व बच्चों को गांव भेज देता था। यहां अकेले ही रहना पसंद करता था।

जेई की करतूतों से जिले के निवासी हैरान
जेई रामभवन के पकड़े जाने के बाद जब उसकी करतूतें खुली तो जिलेवासी हैरान रह गए। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी घटना को लेकर चुप्पी साधे हैं। सिंचाई विभाग में कार्यरत होने से जेई का ग्रामीण क्षेत्रों में आना जाना होता था।

महोबा के अर्जुनपुर बांध का भी इसके पास चार्ज था, जिससे इसका अक्सर वहां भी आना जाना होता था। शहर व गांव से दूर एकांत में बने विभाग के रेस्ट हाउस में रात को नहर व पंप कैनाल ठीक करने के बहाने रहता भी था।

जहां ये घिनौना खेल चलता रहा। गरीबी के चलते लोग जुबान तक नहीं खोल पाए। नवंबर के प्रथम सप्ताह में सिंचाई विभाग मेें कार्यरत जेई को सीबीआई पकड़ ले गई थी। अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर छापी थी। 

गरीबी का फायदा लोग उठाते रहते
बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा, महोबा व हमीरपुर जिले के जंगली क्षेत्र में कई गांव बसे हुए हैं। जहां पर गरीबी का फायदा कई लोग उठाते रहते हैं। नाबालिग किशोरियों को फांसने के बाद दुष्कर्म करते हैं। ह्यूमनराइट्स के सचिव रुद्र प्रसाद मिश्र कहा कि गरीब परिवार की किशोरियों को आए दिन सिरफिरे बहला फुुसलाकर ले जाते हैं और दुष्कर्म करने के साथ ही वीडियो बनाकर नेट पर डालते है।

बताया कि रैपुरा थाना क्षेत्र में ऐसी ही एक घटना हुई थी। जिसमें किशोरी के साथ युवकों ने दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया था। इसके बाद नेट पर डाल दिया था। इसी तरह से कई अन्य घटनाएं हुईं है
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