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पीपीई किट पहन बांदा जेल से सीबीआई ने जेई को कस्टडी में लिया, छह शर्तों के साथ अदालत ने मंजूर की रिमांड अर्जी

Thu, 26 Nov 2020 06:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 26 Nov 2020 06:13 PM IST
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JE accused of sexual assault of children, CBI will interrogate JE wearing PPE kit
आरोपी जेई को ले जाती सीबीआई की टीम - फोटो : amar ujala

पचास से अधिक बच्चों के यौन शोषण के आरोपी जूनियर इंजीनियर रामभवन को सीबीआई ने पांच दिन की रिमांड पर आज बांदा जेल से अपनी कस्टडी में लिया है। इससे पहले सीबीआई टीम ने सीएमओ से मुलाकात की और कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट ली। आरोपी जेई कोरोना पॉजिटिव है।

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सीबीआई की टीम किट पहनकर आरोपी जेई से पूछताछ करेगी। बता दें कि बुधवार को स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) एडीजे पंचम मोहम्मद रिजवान ने सीबीआई की अर्जी स्वीकार करते हुए 26 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से 30 नवंबर की शाम चार बजे तक के लिए रिमांड मंजूर की है। शुक्रवार को सीबीआई की टीम पीपीई किट पहन कर बांदा जेल पहुंची और आरोपी को लेकर चली गई।

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गुरुवार (26 नवंबर) को सुबह 9 बजे से 30 नवंबर को शाम 4 बजे तक सीबीआई अभियुक्त को रिमांड पर अपने साथ रख सकेगी। अभियुक्त को इस दौरान अपना एक अधिवक्ता साथ रखने की भी अनुमति दी गई है।
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बुधवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/पंचम एडीजे मोहम्मद रिजवान अहमद ने रिमांड अर्जी संबंधी सुरक्षित फैसला खुली अदालत में सुनाया। सात पृष्ठीय आदेश में न्यायाधीश ने कई तारीखों में रिमांड अर्जी पर हुई बहस के तर्कों और तथ्यों का हवाला देते हुए कहा है कि अभियुक्त रामभवन के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट जेल अधीक्षक से मिली है।

केंद्र और राज्य सरकार का कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को होम आइसोलेशन तथा होम क्वारंटीन करने के भी निर्देश हैं। न्यायाधीश ने कहा है कि पुलिस अभिरक्षा में रिमांड पर सीबीआई विवेचना टीम अपने कैंप आफिस में अभियुक्त को आइसोलेशन में रखकर पीपीई किट पहनकर तथा कोविड-19 की केंद्र व राज्य सरकार तथा उच्च न्यायालय इलाहाबाद की गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए पूछताछ करेगी।

 

अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया है कि अभियुक्त को कस्टडी में लेने से पहले और वापस भेजने से पहले उसके शरीर का मेडिकल और कोविड-19 का परीक्षण कराए। किसी तरह का अमानवीय व्यवहार या प्रताड़ना अथवा उत्पीड़न या थर्ड डिग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना होगा। आरोपी दवाई व अन्य चिकित्सीय उपचार समय-समय पर दिया जाएगा। दवाएं और पीपीई किट तथा आइसोलेशन व क्वारंटीन के दिशा-निर्देशों के अनुपालन का पर्यवेक्षण (निगरानी) का दायित्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा का होगा।

अदालत ने आरोपी को रिमांड के दौरान अपने साथ एक अधिवक्ता रखने की भी अनुमति दी है। गौरतलब है कि जेल में निरुद्ध अभियुक्त रामभवन 20 नवंबर से कोरोना संक्रमित हो गया है। उसे जेल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
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