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Jalaun: 14 साल पहले जेल में हुए दोहरे हत्याकांड में तत्कालीन जेलर समेत 14 को उम्रकैद
Wed, 13 Mar 2024 11:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Mar 2024 11:32 PM IST
सार
यूपी के जालौन में 14 साल पहले जेल में हुए दोहरे हत्याकांड में तत्कालीन जेलर समेत 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग के सदस्य समेत दो लोगों की मौत हुई थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जालौन में जिला जेल में 14 वर्ष पहले मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्य प्रिंस अहमद और उसके साथी की हत्या मामले में तत्कालीन जेलर समेत सात पुलिस कर्मियों व सात बंदियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला न्यायाधीश लल्लू सिंह की अदालत ने दोषियों पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि चुर्खी थाना क्षेत्र के औता गांव निवासी अयूब खान ने 28 मार्च 2010 को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि उसका बेटा नाजिर तीन साल से जिला कारागार उरई में बंद था। तीन वर्ष से जेल कर्मचारी व कुछ बंदी उसके बेटे से अवैध वसूली करवाते थे। जो बंदी रुपये नहीं देता तो उसे मारापीटा जाता और ज्यादा काम भी करवाया जाता था। जेल स्टाफ राजकुमार निपेंद्र, राम औतार, अनिल शर्मा के साथ डिप्टी जेलर जी मिश्रा, तत्कालीन जेलर नत्थू सिंह, जेल अधीक्षक अविनाश गौतम सभी बंदियों से अवैध वसूली करवाते थे।
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वसूली न करने पर जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर के आदेश से उसके पुत्र नाजिर और बंदी प्रिंस से सुघर सिंह, रामनारायण, राजा भैया, मुन्ना, राजू तीतरा, राजकुमार, निपेंदर, रामओतार, अनिल शर्मा से मिलकर मारपीट की। इससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी।
पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में 27 जनवरी 2011 को चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में उस समय रहे जेल अधीक्षक अविनाश गौतम, जेलर नत्थू सिंह, डिप्टी जेलर जी मिश्रा, सिपाही राममनोरत, रामशरण, राजकुमार, निपेंदर, अनिल शर्मा, शशिकांत तिवारी, बंदी सुघर सिंह, सत्यभान, राजा भैया, राजू तीतरा, रामनारायण, अखिलेश, मुन्ना केवट के नाम शामिल थे। इस मामले में आरोपी जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। जेलर समेत अन्य चौदह आरोपियों पर चले ट्रायल में बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। गवाहों, साक्ष्यों के आधार पर जेलर नत्थू सिंह समेत सिपाहियों और बंदियों को सजा सुनाई गई।
पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में 27 जनवरी 2011 को चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में उस समय रहे जेल अधीक्षक अविनाश गौतम, जेलर नत्थू सिंह, डिप्टी जेलर जी मिश्रा, सिपाही राममनोरत, रामशरण, राजकुमार, निपेंदर, अनिल शर्मा, शशिकांत तिवारी, बंदी सुघर सिंह, सत्यभान, राजा भैया, राजू तीतरा, रामनारायण, अखिलेश, मुन्ना केवट के नाम शामिल थे। इस मामले में आरोपी जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। जेलर समेत अन्य चौदह आरोपियों पर चले ट्रायल में बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। गवाहों, साक्ष्यों के आधार पर जेलर नत्थू सिंह समेत सिपाहियों और बंदियों को सजा सुनाई गई।
जेलर समेत इन सिपाहियों को हुई सजा
जेलर नत्थू सिंह, राममनोरत, रामशरण, राजकुमार, निपेंदर, अनिल शर्मा, शशिकांत तिवारी
जेलर ने भी करीब एक दर्जन बंदियों पर लगाया था गैंगवार का आरोप, सुनवाई आज
14 साल पहले इस मामले में ही जेलर नत्थू सिंह सेंगर ने मुख्तार अंसारी की गैंग के सदस्य प्रिंस अहमद और नासिर पर 20 मार्च 2010 को जेल में विस्फोट कराने का आरोप लगाया था। साथ ही आरोप था कि गैंगवार में दोनों की मौत हुई है। इस मामले में करीब एक दर्जन बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो सकती है।
जेलर नत्थू सिंह, राममनोरत, रामशरण, राजकुमार, निपेंदर, अनिल शर्मा, शशिकांत तिवारी
जेलर ने भी करीब एक दर्जन बंदियों पर लगाया था गैंगवार का आरोप, सुनवाई आज
14 साल पहले इस मामले में ही जेलर नत्थू सिंह सेंगर ने मुख्तार अंसारी की गैंग के सदस्य प्रिंस अहमद और नासिर पर 20 मार्च 2010 को जेल में विस्फोट कराने का आरोप लगाया था। साथ ही आरोप था कि गैंगवार में दोनों की मौत हुई है। इस मामले में करीब एक दर्जन बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो सकती है।