{"_id":"661e9ba817475b9a2900f3bd","slug":"jalaun-fight-between-advocate-and-property-dealer-in-registry-office-2024-04-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jalaun: रजिस्ट्री कार्यालय में अधिवक्ता व प्रॉपर्टी डीलर के बीच मारपीट, कपड़े फटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun: रजिस्ट्री कार्यालय में अधिवक्ता व प्रॉपर्टी डीलर के बीच मारपीट, कपड़े फटे
Tue, 16 Apr 2024 09:13 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Apr 2024 09:13 PM IST
सार
Jalaun News: उरई में रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री फाइल ऊपर नीचे करने को लेकर अधिवक्ता व प्रॉपर्टी डीलर में मारपीट हो गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विज्ञापन
रजिस्ट्री कार्यालय में होता हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालौन जिले के उरई में रजिस्ट्री फाइल ऊपर नीचे करने के चक्कर में उपनिबंधक कार्यालय में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कार्यालय में शोर सुन बाहर मौजूद लोग भी अंदर आ गए और इस दौरान कार्यालय के भीतर करीब 20 मिनट अधिवक्ता व प्रॉपर्टी डीलर में मारपीट होती रही। मौजूद उपनिबंधक तमाशबीन होकर खड़े रहे। इस दौरान मारपीट का वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड स्थित उपनिबंधक कार्यालय में मंगलवार को रजिस्ट्री के बैनामा होने के दौरान फाइल पास होने के बाद ऊपर नीचे लगी फाइलों को हटाकर आगे करने के प्रयास में रजिस्ट्री कार्यालय के अंदर मौजूद अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह और प्रॉपर्टी डीलर दीपू सिरौठियाृ के बीच विवाद हो गया। गाली गलौज से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। दोनों एक दूसरे को पीटते रहे, इस दौरान दोनों के कपड़े भी फट गए। मौजूद लोगों ने अगल कराने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।
विज्ञापन
इस दौरान कार्यालय में मौजूद उप निबंधक कल्पना अवस्थी तमाशबीन होकर खड़ी रहीं, जिससे विवाद और तेज हो गया। वहीं, घटना के बाद दोनों चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। इस दौरान पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उपनिबंधक कल्पना अवस्थी से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बात नहीं की। एडीएम वित्त एवं राजस्व संजय कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
गाली गलौज से महिला उपनिबंधक ने बंद किए कान
उपनिबंधक कार्यालय के अंदर मारपीट के बाद 10 मिनट तक दोनों पक्ष एक दूसरे को गालियां देते रहे। इस दौरान दोनों की गालियों को सुन महिला उपनिबंधक कल्पना अवस्थी अपने कान बंद करती नजर आईं, लेकिन दोनों फिर भी नहीं रुके और एक दूसरे को गालियां देते रहे।
कार्यालय की सुरक्षा की खुली पोल
उपनिबंधक कार्यालय में रोज करोड़ों की रजिस्ट्री होती है, लेकिन यहां की सुरक्षा केवल सीसीटीवी कैमरों के सहारे है। मंगलवार को जब कार्यालय में जूतम पैजार हुई तो वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। जो मामले को शांत कराकर हंगामा न होने दे। लेकिन कार्यालय में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
उपनिबंधक कार्यालय के अंदर मारपीट के बाद 10 मिनट तक दोनों पक्ष एक दूसरे को गालियां देते रहे। इस दौरान दोनों की गालियों को सुन महिला उपनिबंधक कल्पना अवस्थी अपने कान बंद करती नजर आईं, लेकिन दोनों फिर भी नहीं रुके और एक दूसरे को गालियां देते रहे।
कार्यालय की सुरक्षा की खुली पोल
उपनिबंधक कार्यालय में रोज करोड़ों की रजिस्ट्री होती है, लेकिन यहां की सुरक्षा केवल सीसीटीवी कैमरों के सहारे है। मंगलवार को जब कार्यालय में जूतम पैजार हुई तो वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। जो मामले को शांत कराकर हंगामा न होने दे। लेकिन कार्यालय में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
हमेशा विवादों में रहता है कार्यालय
उपनिबंधक कार्यालय में यह कोई पहला मामला नहीं है। यहां अक्सर अभद्रता होती रहती है। तीन जनवरी को उपनिबंधक के अड़ियल व्यवहार के कारण अधिवक्ताओं व लेखाकारों ने हंगामे के साथ कार्य बहिष्कार किया था। एक सप्ताह से अधिक समय तक कार्यालय में काम नहीं हुआ था, जिससे करोड़ों की क्षति हुई थी। मंगलवार को भी हंगामा होने से जिले में फिर से कार्यालय सुर्खियों में आ गया।
चहेतों की फाइल को पहले किया जाता आगे
कार्यालय के बाहर बैठे लेखाकारों व अधिवक्ताओं की माने तो कार्यालय के अंदर सब कुछ पहले से तय होता है। मौजूद कर्मचारी अपने चहेतों की फाइल को पहले पास कर देते हैं। उनकी फाइल में कुछ कमी भी होती है तो उसको देखा नहीं जाता है। अगर कोई और जाता है तो उसको परेशान किया जाता है और घंटों छकाया जाता है। उनका कहना है कि इसी वर्चस्व को लेकर मंगलवार को विवाद हुआ है।
उपनिबंधक कार्यालय में यह कोई पहला मामला नहीं है। यहां अक्सर अभद्रता होती रहती है। तीन जनवरी को उपनिबंधक के अड़ियल व्यवहार के कारण अधिवक्ताओं व लेखाकारों ने हंगामे के साथ कार्य बहिष्कार किया था। एक सप्ताह से अधिक समय तक कार्यालय में काम नहीं हुआ था, जिससे करोड़ों की क्षति हुई थी। मंगलवार को भी हंगामा होने से जिले में फिर से कार्यालय सुर्खियों में आ गया।
चहेतों की फाइल को पहले किया जाता आगे
कार्यालय के बाहर बैठे लेखाकारों व अधिवक्ताओं की माने तो कार्यालय के अंदर सब कुछ पहले से तय होता है। मौजूद कर्मचारी अपने चहेतों की फाइल को पहले पास कर देते हैं। उनकी फाइल में कुछ कमी भी होती है तो उसको देखा नहीं जाता है। अगर कोई और जाता है तो उसको परेशान किया जाता है और घंटों छकाया जाता है। उनका कहना है कि इसी वर्चस्व को लेकर मंगलवार को विवाद हुआ है।