{"_id":"5e456f1f8ebc3ee5ce01b9a4","slug":"iti-girl-student-hanged-herself","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फांसी के फंदे पर लटकी छात्रा, लिखा था ‘सॉरी मां सचमुच मैं न जीने के लायक हूं और न जीना चाहती हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फांसी के फंदे पर लटकी छात्रा, लिखा था ‘सॉरी मां सचमुच मैं न जीने के लायक हूं और न जीना चाहती हूं
Thu, 13 Feb 2020 09:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 13 Feb 2020 09:25 PM IST
विज्ञापन
छात्रा ने दीवार पर लिखा सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में घर में फंदे से लटककर जान देने वाली आईटीआई की छात्रा ने प्रेमी की बेवफाई से आहत होकर यह कदम उठाया था। मरने से पहले उसने कमरे की दीवार पर बेवफाई की कहानी लिखी थी। घटना के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को परिवार की नजर उस दीवार पर पड़ी तब इसका खुलासा हुआ।
इसके बाद पिता ने कल्याणपुर थाने पहुंचकर प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मसवानपुर निवासी कारपेंटर रविंद्र विश्वकर्मा की बेटी स्नेहा (18) पांडुनगर आईटीआई की छात्रा थी। 11 फरवरी की सुबह उसने कमरे में दुपट्टे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
इसके बाद पिता ने कल्याणपुर थाने पहुंचकर प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मसवानपुर निवासी कारपेंटर रविंद्र विश्वकर्मा की बेटी स्नेहा (18) पांडुनगर आईटीआई की छात्रा थी। 11 फरवरी की सुबह उसने कमरे में दुपट्टे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
छात्रा का प्रेमी
- फोटो : अमर उजाला
कोई सुसाइड नोट न मिलने पर पारिवारिक विवाद में आत्महत्या मानकर पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया। बृहस्पतिवार को परिजन उसका सामान सुरक्षित करने के लिए कमरे में पहुंचे तो दीवार पर लिखी कहानी पर नजर पड़ी। इंस्पेक्टर कल्याणपुर अजय सेठ का कहना है कि मसवानपुर के ही रहने वाले सिद्धार्थ सिंह उर्फ बेटू (20) ने छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर धोखा दिया था।
जिसके लिए सब कुछ छोड़ा, उसने मुझे छोड़ दिया
स्नेहा ने दीवार पर लिखा है कि ‘सॉरी मां सचमुच मैं न जीने के लायक हूं और न जीना चाहती हूं। बेटू के लिए मैं घरवालों से बैर कर बैठी और उसने मुझे ही छोड़ दिया’। रविंद्र का कहना है कि बेटू करीब एक साल से स्नेहा के पीछे पड़ा था। स्कूल तक पीछा करता था। दोनों चुपके से फोन पर बात करते थे। जानकारी होने पर घरवालों ने विरोध किया तो बेटी ने उसे अच्छा लड़का बताकर शादी करने की इच्छा जाहिर की थी। इसकी जानकारी होते ही बेटू ने उससे मुंह मोड़ लिया
पत्नी बताकर दूसरी लड़की ने फोन पर की थी बात
स्नेहा के फोन में 10 जनवरी को बेटू के नंबर से बातचीत की रिकार्डिंग मिली। सुबह करीब 10 बजे स्नेहा ने उसे फोन किया। बेटू के फोन से किसी लड़की ने बात की। खुद को बेटू की पत्नी बताकर स्नेहा को भला-बुरा कहा। इसके बाद स्नेहा ने काफी प्रयास किया लेकिन बेटू ने उससे बात नहीं की। वह पूरी रात रोती रही। दूसरे दिन भी बात न होने पर कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली।
जिसके लिए सब कुछ छोड़ा, उसने मुझे छोड़ दिया
स्नेहा ने दीवार पर लिखा है कि ‘सॉरी मां सचमुच मैं न जीने के लायक हूं और न जीना चाहती हूं। बेटू के लिए मैं घरवालों से बैर कर बैठी और उसने मुझे ही छोड़ दिया’। रविंद्र का कहना है कि बेटू करीब एक साल से स्नेहा के पीछे पड़ा था। स्कूल तक पीछा करता था। दोनों चुपके से फोन पर बात करते थे। जानकारी होने पर घरवालों ने विरोध किया तो बेटी ने उसे अच्छा लड़का बताकर शादी करने की इच्छा जाहिर की थी। इसकी जानकारी होते ही बेटू ने उससे मुंह मोड़ लिया
पत्नी बताकर दूसरी लड़की ने फोन पर की थी बात
स्नेहा के फोन में 10 जनवरी को बेटू के नंबर से बातचीत की रिकार्डिंग मिली। सुबह करीब 10 बजे स्नेहा ने उसे फोन किया। बेटू के फोन से किसी लड़की ने बात की। खुद को बेटू की पत्नी बताकर स्नेहा को भला-बुरा कहा। इसके बाद स्नेहा ने काफी प्रयास किया लेकिन बेटू ने उससे बात नहीं की। वह पूरी रात रोती रही। दूसरे दिन भी बात न होने पर कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली।