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अजीब कश्मकश है ये! पुलिस और डकैतों के बीच पिसते रहें है लोग

Sun, 03 Sep 2017 09:37 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 03 Sep 2017 09:37 PM IST
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It's strange weird! People are roaming between police and dacoits
डर से घरों में लगे ताले - फोटो : अमर उजाला
दस्यु बबुली गैंग से पुलिस की मुठभेड़ के बाद जंगल और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की जान सांसत में पड़ गई है। ये न तो चैन की नींद सो पा रहे हैं और न ही कोई काम धंधा कर पा रहे हैं। इन्हें भय रहता है कि कहीं पुलिस या डकैत न जाएं। इनकी सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पुलिस का साथ दें तो डकैत कहर बरपाते हैं। डकैतों के बारे में कुछ न बताएं तो पुलिस परेशान करती है। पुलिस और डकैतों के बीच पिस रहे कई ग्रामीणों ने तो गांव ही छोड़ दिया है। 
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24 अगस्त को हुई मुठभेड़ के बाद से पुलिस लगातार जंगलों में कांबिंग कर रही है। इस दौरान डाकू पुलिस के हाथ तो नहीं लगे, लेकिन उनकी मदद के आरोप में दो प्रधानों समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सबसे ज्यादा भय जंगल क्षेत्र में रहने वाले कोल समुदाय के लोगों में है। नागर गांव और उसके पुरवा छोटा कोलानी के हालात सबसे बदतर हैं, क्योंकि दस्यु बबुली कोल के दाहिने हाथ 60 हजार के ईनामी डाकू लवलेश कोल का ननिहाल नागर गांव में है।
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इस कारण गैंग का आना-जाना लगा रहता है। मुठभेड़ में लवलेश को गोली लगी थी। इस कारण डाकुओं की तलाश करने कई बार पुलिस इस गांव में आई। बताया जाता है पुलिस कई लोगों को पकड़ कर डाकुओं के बारे में पूछताछ कर रही है। इससे कोल बिरादरी के कई परिवार सहमे हैं। कई परिवार डर से पलायन कर गए हैं।  नागर निवासी जागेश्वर प्रसाद ने बताया कि कभी डाकू तो कभी पुलिस से पूरा गांव परेशान है।
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इस मुठभेड़ के बाद से आए दिन पुलिस गांव और पुरवा आकर डकैतों को संरक्षण देने का आरोप लगाकर बेवजह परेशान कर रही है। जिससे परेशान होकर वह पत्नी और चार बच्चों के साथ गांव छोड़कर अपनी रिश्तेदारी में चला गया है। कुछ माहौल शांत होने पर ही गांव लौटेगा।


 

It's strange weird! People are roaming between police and dacoits
लोगों के पलायन के बाद घर में लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
-इन परिवारों ने किया पलायन 
नागर गांव से पलायन करने वाले परिवारों में हीरालाल, अशोक, रामकरन, राजाबाबू, जयद, भूरा आदि का परिवार शामिल है। डाकू लवलेश के ननिहाल वाले गांव छोटापुरवा के गोपी, गिरीश, मनसूल, करण, ममता, रामलली, मोजिया, अशोक, राजाभइया, कुरील, राजकरन, विजय, मुन्नीलाल, अच्छे लाल, छेदीलाल का परिवार भी पलायन कर गया है। गांव की प्रधान चुन्नी देवी का कहना है कि पुलिस डकैतों के नाम पर निर्दोषों को भी जेल भेज रही है। इस कारण लोग पलायन कर रहे हैं। इसके पहले हुई मुठभेड़ में उसके निर्दोष पति और बेटे को जेल भेजा गया था। 


-किसी निर्दोष को नहीं भेजा जेल 
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी का कहना है कि पलायन करने की जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ संदिग्धों की तलाश में पुलिस सभी संभावित स्थानों पर जा रही है। लेकिन डकैतों के मददगारों को नहीं छोड़ा जाएगा। किसी निर्दोष को न अभी तक परेशान किया गया है और न ही किया जाएगा है। निर्दोेष ग्रामीणों को कतई जेल नहीं भेजा गया। संदेह के आधार पर पुलिस पूछताछ करती है। उन्होने कहा कि किसी को भी पलायन करने की जरूरत नहीं है। पुलिस आम आदमी की सुरक्षा के लिए ही तैनात है।


-नाहर गांव में डकैतों व पुलिस के भय से पलायन कर चुके परिवार के घर में बंद ताले।
-पुलिस-डकैत के बीच पिस रहे ग्रामीणों का पलायन
-नागर गांव के कई परिवारों ने छोड़ दिया गांव

 
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