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अभी सामान्य से आधी नहीं हुई बारिश
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कानपुर देहात। जिले में कई दिनों से हो रही बारिश ने जहां कहर बरपा रखा है वहीं कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी भी सामान्य से आधी बारिश नहीं हुई है। जुलाई में होने वाली सामान्य 236 के सापेक्ष महज सौ मिलीलीटर बारिश हुई है। अधिकारी अगस्त में भारी बारिश की संभावना जता रहे हैं।
जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश साल 2013 में हुई थी। इसके बाद साल 2018 में 121 मिली लीटर बारिश हुई थी। तब भी सामान्य से कम बारिश हुई थी। बीते कई दिनों से जिले में हुई बारिश से खेत डूब चुके हैं। जिले में कई जगहों पर सड़कें कट जाने से लोगों का संपर्क तक टूट चुका है। लगातार बारिश से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
वहीं कृषि विभाग के मुताबिक अभी भी जिले में सामान्य से आधी बारिश नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जुलाई में 236 मिली लीटर सामान्य बारिश होती है। वहीं जनपद में 31 जुलाई तक सौ मिली लीटर बारिश ही हुई है। इसमें सबसे ज्यादा अकबरपुर तहसील में 135 मिली लीटर बारिश हुई। जबकि सबसे कम मैथा में 85 मिली लीटर हुई। (संवाद)
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अगस्त में सामान्य से आधी बारिश में भी मचेगी तबाही
कृषि विभाग के मुताबिक अगस्त की सामान्य बारिश सबसे ज्यादा 254 मिली लीटर है। इस हिसाब से अगर सामान्य से आधी भी बारिश हुई तो जिले में तबाही मच सकती है। हालांकि बीते नौ साल की बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश 2018 में 105.80 मिली लीटर हुई थी।
किसानों का हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
जिले में लगातार हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। धान, तिल के साथ सब्जियों आदि की फसल अधिकांश क्षेत्र में पूरी तरह से डूब चुकी है। हालांकि अभी तक आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है, लेकिन डीएम के निर्देश पर जिले में सर्वे शुरू कर दिया गया है।
कम समय में ज्यादा बारिश होने पर किसानों को दिक्कत हुई है। किसान धान की फसल से पानी निकालकर यूरिया का छिड़काव कर दें। फिर भी दिक्कत होने पर किसान धान की जगह पर बाजरा की बोआई कर सकते हैं। - विनोद कुमार यादव, उपकृषि निदेशक
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जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश साल 2013 में हुई थी। इसके बाद साल 2018 में 121 मिली लीटर बारिश हुई थी। तब भी सामान्य से कम बारिश हुई थी। बीते कई दिनों से जिले में हुई बारिश से खेत डूब चुके हैं। जिले में कई जगहों पर सड़कें कट जाने से लोगों का संपर्क तक टूट चुका है। लगातार बारिश से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
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वहीं कृषि विभाग के मुताबिक अभी भी जिले में सामान्य से आधी बारिश नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जुलाई में 236 मिली लीटर सामान्य बारिश होती है। वहीं जनपद में 31 जुलाई तक सौ मिली लीटर बारिश ही हुई है। इसमें सबसे ज्यादा अकबरपुर तहसील में 135 मिली लीटर बारिश हुई। जबकि सबसे कम मैथा में 85 मिली लीटर हुई। (संवाद)
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अगस्त में सामान्य से आधी बारिश में भी मचेगी तबाही
कृषि विभाग के मुताबिक अगस्त की सामान्य बारिश सबसे ज्यादा 254 मिली लीटर है। इस हिसाब से अगर सामान्य से आधी भी बारिश हुई तो जिले में तबाही मच सकती है। हालांकि बीते नौ साल की बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश 2018 में 105.80 मिली लीटर हुई थी।
किसानों का हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
जिले में लगातार हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। धान, तिल के साथ सब्जियों आदि की फसल अधिकांश क्षेत्र में पूरी तरह से डूब चुकी है। हालांकि अभी तक आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है, लेकिन डीएम के निर्देश पर जिले में सर्वे शुरू कर दिया गया है।
कम समय में ज्यादा बारिश होने पर किसानों को दिक्कत हुई है। किसान धान की फसल से पानी निकालकर यूरिया का छिड़काव कर दें। फिर भी दिक्कत होने पर किसान धान की जगह पर बाजरा की बोआई कर सकते हैं। - विनोद कुमार यादव, उपकृषि निदेशक