इरफान सोलंकी प्रकरण: रिहाई से पहले शौकत अली समेत 12 पर रिपोर्ट, मुख्य गवाह को धमकाने का है आरोप
Kanpur News: आरोप है कि रिजवान ने उसे उंगली से इशारा कर पास बुलाया। धीमी आवाज में धमकी के साथ गालीगलौज की। कहा, तूने मना करने के बाद भी गवाही दी। तेरी वजह से मैं और इरफान जेल में हैं। तुझको खबर भेजी, समझाया तब भी तू नहीं माना। वहीं, शौकत ने कहा कि इस गवाही की कीमत तुमको देनी पड़ेगी।
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाइयों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। शौकत अली की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने पर गुरुवार को रिहाई होनी थी। ऐन मौके पर पुलिस ने शौकत, विधायक के भाई रिजवान समेत 12 अन्य पर गंभीर धाराओं में एक और एफआईआर दर्जकर उसकी रिहाई के रास्ते में अवरोध लगा दिया है।
आगजनी के मामले में मुख्य गह गूबा गार्डन निवासी विष्णु सैनी को हत्या की धमकी देने, रंगदारी मांगने और जानलेवा हमला करने के आरोप में यह मुकदमा जाजमऊ थाने में दर्ज किया गया है। विष्णु सैनी ने पुलिस को बताया कि वह 28 अक्तूबर को दोस्त राजू, पप्पू व कल्लू के साथ जरूरी काम से कचहरी गया था।
दोपहर करीब 1:30 बजे शौकत अली और रिजवान सोलंकी एडीजे-11 कोर्ट के बाहर बरामदे में दिखाई दिए। उनके साथ कुछ समर्थक और सहयोगी भी थे। आरोप है कि रिजवान ने उसे उंगली से इशारा कर पास बुलाया। धीमी आवाज में धमकी के साथ गालीगलौज की। कहा, तूने मना करने के बाद भी गवाही दी।
शौकत ने कहा कि इस गवाही की कीमत तुमको देनी पड़ेगी
तेरी वजह से मैं और इरफान जेल में हैं। तुझको खबर भेजी, समझाया तब भी तू नहीं माना। वहीं, शौकत ने कहा कि इस गवाही की कीमत तुमको देनी पड़ेगी। परिवार की जान को खतरा बताकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। मना किया तो अपने गुर्गों से हमला कराया। पुलिस ने मामले मेंं पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
किडनी बेचो, चाहे गहने, रुपये हर हाल में चाहिए
आरोप है कि शौकत और रिजवान ने धमकी दी कि कोर्ट कचहरी में बहुत रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके लिए तुम्हें रुपये देने होंगे। कहा गया कि तुम चाहे किडनी बेचो या बीवी के गहने, हमें रुपयों से मतलब। धमकाया कि अगर रुपये नहीं दिए तो हत्या करके मिसाल पेश करेंगे। पीड़ित के अनुसार वह इतना डर गया था कि उसने उस वक्त वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से भी यह सब नहीं बताया था।
गुर्गों ने तमंचा से गोली मारने का किया प्रयास
विष्णु सैनी ने बताया कि बीते सात नवंबर की रात शौकत अली के गुर्गे आशिफ जहां, मेराजुल हसन, मोबिन अहमद, अब्दुल माजिद, मो. दिलशाद अंसारी, मो. नईम व दो अन्य लोगों के साथ पांच लाख रुपये रंगदारी लेने जाजमऊ स्थित अकील कंपाउंड पहुंचे। तय समय के अनुसार वह 41 हजार रुपये लेकर अकील कंपाउंड पहुंच गया।
गुर्गों ने तमंचे की बट और डंडों से पीटा
आरोप है कि पूरी रकम न होने पर शौकत के गुर्गों ने तमंचे की बट और डंडों से पीटा। कनपटी पर तमंचा सटाकर फायर झोंक दिया। गोली मिस होने से जान बच गई। शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले। आरोप है कि दिवाली से पहले हत्या की धमकी दी गई। जाजमऊ थाना प्रभारी अरविंद सिंह सिसोदिया ने बताया कि आरोपियों पर रिपोर्ट दर्जकर तलाश की जा रही है।
रिहाई से पहले पुलिस ने दिखाई तेजी
दरअसल हाईकोर्ट से शौकत को जमानत मिल गई थी। गुरुवार को उसे जेल से रिहा होना था, लेकिन मंगलवार देर रात आगजनी मामले में मुख्य गवाह विष्णु सैनी को धमकी देने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस ने शौकत के जेेल से बाहर आने से पहले ही जेल में वारंट पहुंचा दिया। इसके चलते वह जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।