CAA विरोधी प्रदर्शन : फैज की नज्म हम देखेंगे ...क्या सांप्रदायिक है? आईआईटी प्रबंधन ने बैठाई जांच

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Abhishek Singh Updated Wed, 01 Jan 2020 10:32 PM IST
आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर - फोटो : Social Media
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने वाले जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ आईआईटी में 17 दिसंबर को हुए प्रदर्शन का मामला गरमा गया है। कई प्रोफेसरों ने शिकायत की थी प्रदर्शनकारी छात्रों ने विरोध जताने के लिए पाकिस्तानी शायर फैज अहमद की नज्म ‘हम देखेंगे, लाजिम है हम भी देखेंगे...’ गाई थी, जोकि हिंदू और राष्ट्र विरोधी है।
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इस पर आईआईटी में एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है, जो इस बात की जांच कर रही है कि नज्म राष्ट्र विरोधी है या नहीं। कमेटी 15 दिन के भीतर रिपोर्ट आईआईटी निदेशक को देगी। सीएए के विरोध में जामिया विवि. के छात्रों ने प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस को लाठियां चलानी पड़ी थीं। पुलिस की कार्रवाई का देशभर के छात्रों ने विरोध किया था। आईआईटी कानपुर के छात्रों ने भी प्रदर्शन करने की अनुमति आईआईटी प्रशासन से मांगी थी। शहर में धारा-144 लागू होने की वजह से आईआईटी प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद छात्रों ने 17 दिसंबर को शांति मार्च निकाला था।

आरोप है कि सभा के दौरान छात्रों ने राष्ट्र और हिंदू विरोधी भाषणबाजी की। साथ ही पाकिस्तानी शायर फैज अहमद की नज्म गाई। कुछ छात्रों ने इसका विरोध भी किया था। इससे छात्रों के बीच तनाव हो गया था। इस बीच इसका वीडियो वायरल हो गया।

एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने आईआईटी निदेशक से इस बारे में शिकायत की थी। कई अन्य प्रोफेसरों ने भी इस बारे में निदेशक को अवगत कराया। साथ ही वायरल वीडियो को ट्विटर अकाउंट पर भी अपलोड कर दिया गया।

आईआईटी निदेशक ने तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी इस बात की जांच कर रही है कि पाकिस्तानी शायर फैज की नज्म राष्ट्र और हिंदू विरोधी है या नहीं। उस दिन हुई भाषणबाजी की भी जांच की जा रही है।

आईआईटी निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर के मुताबिक जांच कमेटी से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। अगर छात्र दोषी पाए गए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका संस्थान से निष्कासन तक किया जा सकता है। इस बारे में भी जांच की जांच की जा रही है कि बिना अनुमति शांति मार्च कैसे निकाल लिया।
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