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दरोगा ने तीन साल लड़ी 375 रुपये की लड़ाई, जब रकम वापस मिली तो बोला मैं जीत तो गया पर दुखी हूं

Fri, 07 Aug 2020 11:25 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 07 Aug 2020 11:25 AM IST
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Inspector fought for 375 rupees for three years
यूपी पुलिस
उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ के एक दरोगा ने 375 रुपये के लिए तीन साल तक लड़ाई लड़ी। दर्जनों पत्र हैलट प्रशासन को भेजे। अब जाकर उनको हैलट प्रशासन ने ये रकम वापस की। दरोगा इसको अपनी जीत की तौर पर देख रहे हैं।
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हालांकि मामूली से काम में इतना समय लग जाने से वो काफी हताश हैं। फतेहगढ़ में तैनात दरोगा अशोक कुमार ने बताया कि तीन साल पहले उन्होंने हैलट में बेटे के लिए 375 रुपये का पर्चा डिजिटल एक्स-रे कराने के लिए बनवाया था लेकिन एक्स-रे मशीन खराब थी।
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इसलिए उन्होंने हैलट प्रशासन से 375 रुपये वापस करने को कहा। प्रशासन ने उनसे प्रार्थना पत्र मांगा। अशोक के मुताबिक तब से वो लगातार हैलट में पत्र भेज रहे थे। मगर हार नहीं मानी। कुछ दिन पहले ही उनको रकम वापस मिल गई है।

मांगा था सम्मान
लॉकडाउन से पहले अशोक कुमार कानपुर आए थे, तभी लॉकडाउन हो गया था। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन में आमद करवा ली थी। जहां से उनकी ड्यूटी स्वरूपनगर थाने में लगा दी गई थी। कुछ दिनों तक कोविड वार्ड में ड्यूटी की।

यहां से वापस फतेहगढ़ जाने के बाद अशोक कुमार ने अफसरों को पत्र भेजा था जिसमें लिखा था कि कानपुर पुलिस ने उनको कोरोना से बचाव संबंधी चीजें उपलब्ध नहीं कराईं। फिर भी वो कोविड वार्ड में ड्यूटी करते रहे। इसलिए उनको सम्मानित किया जाए। 
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