रिश्वत लेते रंगे हाथ दरोगा अरेस्ट: एंटी करप्शन टीम ने कोतवाली में पकड़ा, 10 हजार रुपये मांगी थी घूस
Hardoi News: दरोगा थाना देहात कोतवाली में आरोपी को बुलाकर पैसे ले रहे थे। तभी एंटी करप्शन टीम में धर दबोचा। इस कार्रवाई से सुविधा शुल्क वसूल करने वालों में हड़कंप मच गया।
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हरदोई जिले में धारदार हथियार से हमला किए जाने की धारा हटाने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने हरियावां थाने में तैनात उपनिरीक्षक को गिरफ्तार किया है। दरोगा के खिलाफ शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। हरियावां थाना क्षेत्र के गुलरिया निवासी इकबाल गाजी हरियाणा में प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था।
बीती 11 अगस्त को बकरियां खेत में जाने को लेकर गुलरिया में विवाद हो गया था। विवाद की सूचना पर इकबाल गांव आया था। इसके बाद पुलिस ने एक पक्ष से यूसुफ की तहरीर पर इकबाल समेत चार लोगों के खिलाफ और दूसरे पक्ष से इकबाल की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इकबाल के मुताबिक घटना में असलम की पत्नी मोमिना ने साजिश रचकर सीतापुर के एक चिकित्सक से मिलकर धारदार हथियार से चोट मेडिकल में दिखा दी। इस पर पुलिस ने 308 की धारा बढ़ा दी। मामले की विवेचना थाने का उपनिरीक्षक रामाशीष कर रहा था।
एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत कर दी
आरोप है कि रामाशीष मामले से 308 धारा हटाने के लिए इकबाल से 30 हजार रुपये की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर आए दिन उसे परेशान कर रहा था। इस पर 21 सितंबर को इकबाल ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत कर दी। सोमवार को दरोगा रामशीष ने इकबाल को मिलने के लिए पहले पुलिस लाइन बुलाया।
10 हजार रुपये की व्यवस्था होने की बात कही
इसके बाद में देहात कोतवाली क्षेत्र में पोखरी तिराहा के पास बुला लिया। यहां इकबाल ने 10 हजार रुपये की व्यवस्था होने की बात कहते हुए रामाशीष को रुपये दे दिए। इसी दौरान निरीक्षक नूरुल खुदा खान के नेतृत्व वाली एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रामाशीष को पकड़ लिया। शहर कोतवाली लाकर अन्य विधिक कार्रवाई पूरी की गई।