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Hardoi News: बाढ़ से 15 हजार से अधिक ग्रामीण और फसलें प्रभावित, कई मार्ग कटे
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फोटो 39: श्यामपुर डामर सड़क और पुलिया बाढ़ की के पानी धार से कटी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम/हरपालपुर। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में आई बाढ़ से कटरी और कटरी और कटियारी क्षेत्र की करीब 15 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं। नदियों के पानी के वेग से कई संपर्क मार्ग कट जाने से ग्रामीणों का संपर्क कट गया है। बाढ़ से पलिया और छिबरामऊ उपकेंद्र के 26 गांवों की आपूर्ति बंद कर दी गई है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां प्रवाहित गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में बाढ़ आ गई है। बिलग्राम क्षेत्र में करीब 12 हजार से अधिक ग्रामीण बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा और गर्रा नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने से जीवनयापन दुश्वार हुआ है। प्रमुख रूप से बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने जलस्तर को खतरे के स्तर तक पहुंचा दिया है। गांव के आसपास और कुछ गांवों के भीतर भी पानी पहुंच चुका है। इंसान से लेकर मवेशी तक बाढ़ के प्रभाव में जिंदगी के दिन काट रहे हैं।
बाढ़ का लंबा समय पानी घटने-बढ़ने के बीच भोजन की दुश्वारियां हैं। करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जहां कृषि को बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया है। कटरी परसोला के 11 मजरे कटरी छिबरामऊ, कटरी जरसेना मऊ, कटरी बिलुही, कटरी महादेवा, कटरी जरेला, पुन्ना पुरवा, मदारी पुरवा के आसपास गांवों में पानी किनारे बने झोपड़ीनुमा बने मकानों में घुस चुका है। चुन्नी पुरवा के 107 लोगों के अलावा राजघाट के आश्रयस्थल पर बाढ़ पीड़ितों ने शरण ली है।
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गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों परेशानियां और बढ़ गई हैं। प्रकाश से लेकर रोजगार धंधों, आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो रही है और लोग जोखिम से जूझ रहे हैं। लोगों को मवेशियों की भी चिंता है, अधिकतर मवेशी दूर-दराज सूखे स्थानों और सड़कों पर बांध कर रखे गए हैं। प्रशासन की तरफ से पका-पकाया भोजन और राहत किट वितरित की जा रही हैं। बिलग्राम एसडीएम एन राम, तहसीलदार दीपक गौतम समेत राजस्व टीम राहत सामग्री वितरण में लगी है। छह हजार पैकेट के आसपास शुक्रवार की शाम से ग्रामीणों में बांटे जा चुके हैं। एसडीएम ने बताया कि 2,600 राहत किट वितरित की गईं हैं।
हरपालपुर क्षेत्र में बाढ़ से सड़कें कटने लगी हैं। इससे चौधरियापुर से कोला मार्ग, बरंडारी टू-लेन मार्ग से कुशलपुरवा वाया जरौली नेवादा मार्ग, सुरजूपुर-दुर्जना से श्यामपुर मार्ग, सूर्यपुर-श्यामपुर मार्ग कट गए हैं। इन मार्गों के कट जाने से इन गांवों के साथ ही ऊंचागांव, नई दुनिया, दुर्जना, मोल्हनपुर, टिकइया, कनत्थूखेड़ा, अलीगंज नरखेरिया, श्यामपुर, अर्जुनपुर, बड़ागांव, चाऊंपुर, शाहिद आदि एक दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। हरपालपुर, सवाजपुर और फर्रुखाबाद जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ सकता है।
रामगंगा के टापू पर फंसे गोवंश, रेस्क्यू कर 30 सुरक्षित निकाले गए
तहसील सवायजपुर क्षेत्र के अलीगंज ननखेरिया गांव के पास रामगंगा नदी के टापू पर गोवंश बाढ़ में फंस गए हैं। गोवंश को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया। एसडीएम शिवानी सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार राजेश कुमार, रामकिशोर यादव और बीडीओ त्रिलोकी चंद्र शर्मा को भेजा गया है। मोटरबोट उपलब्ध न होने से अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है, हालांकि, साधारण नाव की मदद से शनिवार को आठ गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि शुक्रवार की शाम को 22 गोवंशों का रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू अभियान जारी है। पशु चिकित्सक डॉ. हरिमोहन वर्मा ने बताया कि चार गायों की टैगिंग कर उन्हें ग्रामीणों के सुपुर्द किया गया। वहीं शिविर लगाकर 120 पशुओं का स्वास्थ्य को रोगों से बचाव के लिए दवाएं वितरित की गईं।
गंगा राजघाट और गर्रा सांडी में खतरे के निशान से पार
बैराजों के पानी से गंगा नदी का पानी शनिवार को राजघाट पर खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। पानी 126.10 मीटर गेज पर है। वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.15 मीटर गेज पर से पांच सेंटीमीटर नीचे 137.10 मीटर पर आया है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 75,819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 137.20 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर खतरे के निशान 129.65 मीटर गेज से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर 130.33 मीटर पर आया है। गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और 2,164 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कम होने से दो दिन बाद बाढ़ के स्थिति में सुधार की संभावना है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां प्रवाहित गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में बाढ़ आ गई है। बिलग्राम क्षेत्र में करीब 12 हजार से अधिक ग्रामीण बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा और गर्रा नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने से जीवनयापन दुश्वार हुआ है। प्रमुख रूप से बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने जलस्तर को खतरे के स्तर तक पहुंचा दिया है। गांव के आसपास और कुछ गांवों के भीतर भी पानी पहुंच चुका है। इंसान से लेकर मवेशी तक बाढ़ के प्रभाव में जिंदगी के दिन काट रहे हैं।
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बाढ़ का लंबा समय पानी घटने-बढ़ने के बीच भोजन की दुश्वारियां हैं। करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जहां कृषि को बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया है। कटरी परसोला के 11 मजरे कटरी छिबरामऊ, कटरी जरसेना मऊ, कटरी बिलुही, कटरी महादेवा, कटरी जरेला, पुन्ना पुरवा, मदारी पुरवा के आसपास गांवों में पानी किनारे बने झोपड़ीनुमा बने मकानों में घुस चुका है। चुन्नी पुरवा के 107 लोगों के अलावा राजघाट के आश्रयस्थल पर बाढ़ पीड़ितों ने शरण ली है।
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गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों परेशानियां और बढ़ गई हैं। प्रकाश से लेकर रोजगार धंधों, आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो रही है और लोग जोखिम से जूझ रहे हैं। लोगों को मवेशियों की भी चिंता है, अधिकतर मवेशी दूर-दराज सूखे स्थानों और सड़कों पर बांध कर रखे गए हैं। प्रशासन की तरफ से पका-पकाया भोजन और राहत किट वितरित की जा रही हैं। बिलग्राम एसडीएम एन राम, तहसीलदार दीपक गौतम समेत राजस्व टीम राहत सामग्री वितरण में लगी है। छह हजार पैकेट के आसपास शुक्रवार की शाम से ग्रामीणों में बांटे जा चुके हैं। एसडीएम ने बताया कि 2,600 राहत किट वितरित की गईं हैं।
हरपालपुर क्षेत्र में बाढ़ से सड़कें कटने लगी हैं। इससे चौधरियापुर से कोला मार्ग, बरंडारी टू-लेन मार्ग से कुशलपुरवा वाया जरौली नेवादा मार्ग, सुरजूपुर-दुर्जना से श्यामपुर मार्ग, सूर्यपुर-श्यामपुर मार्ग कट गए हैं। इन मार्गों के कट जाने से इन गांवों के साथ ही ऊंचागांव, नई दुनिया, दुर्जना, मोल्हनपुर, टिकइया, कनत्थूखेड़ा, अलीगंज नरखेरिया, श्यामपुर, अर्जुनपुर, बड़ागांव, चाऊंपुर, शाहिद आदि एक दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। हरपालपुर, सवाजपुर और फर्रुखाबाद जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ सकता है।
रामगंगा के टापू पर फंसे गोवंश, रेस्क्यू कर 30 सुरक्षित निकाले गए
तहसील सवायजपुर क्षेत्र के अलीगंज ननखेरिया गांव के पास रामगंगा नदी के टापू पर गोवंश बाढ़ में फंस गए हैं। गोवंश को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया। एसडीएम शिवानी सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार राजेश कुमार, रामकिशोर यादव और बीडीओ त्रिलोकी चंद्र शर्मा को भेजा गया है। मोटरबोट उपलब्ध न होने से अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है, हालांकि, साधारण नाव की मदद से शनिवार को आठ गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि शुक्रवार की शाम को 22 गोवंशों का रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू अभियान जारी है। पशु चिकित्सक डॉ. हरिमोहन वर्मा ने बताया कि चार गायों की टैगिंग कर उन्हें ग्रामीणों के सुपुर्द किया गया। वहीं शिविर लगाकर 120 पशुओं का स्वास्थ्य को रोगों से बचाव के लिए दवाएं वितरित की गईं।
गंगा राजघाट और गर्रा सांडी में खतरे के निशान से पार
बैराजों के पानी से गंगा नदी का पानी शनिवार को राजघाट पर खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। पानी 126.10 मीटर गेज पर है। वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.15 मीटर गेज पर से पांच सेंटीमीटर नीचे 137.10 मीटर पर आया है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 75,819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 137.20 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर खतरे के निशान 129.65 मीटर गेज से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर 130.33 मीटर पर आया है। गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और 2,164 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कम होने से दो दिन बाद बाढ़ के स्थिति में सुधार की संभावना है।

फोटो 39: श्यामपुर डामर सड़क और पुलिया बाढ़ की के पानी धार से कटी। संवाद