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Kanpur News: सर्जरी विभाग में ऑपरेशन करेगा स्वदेशी रोबोट
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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में लोगों की सर्जरी रोबोट करेगा। यह रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) युक्त होगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि शासन ने रोबोट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पहले एक रोबोट लिया जा रहा है। एआई युक्त इस रोबोट को स्वदेशी कंपनी ने तैयार किया है। यह नवीनतम तकनीक से लैस है। साथ ही रोबोट बनाने वाली कंपनी डॉक्टरों को रोबोटिक सर्जरी के संबंध में प्रशिक्षण भी देगी।
डॉ. काला ने बताया कि देश की एक कंपनी ने यह रोबोट मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया है। यह तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाला सामान सस्ता है। विदेशी रोबोट में एक केस करने पर एक-डेढ़ लाख का सामान लगता है। स्वदेशी रोबोट में सिर्फ 50 हजार का सामान लगता है। कंपनी 200 ऑपरेशन का सामान रोबोट के साथ मुफ्त देगी। इसके अलावा पांच साल तक रोबोट के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
रोबोट की कीमत 14 करोड़ रुपये है। इसकी एक विशेषता और है कि इसमें एक साथ पांच-छह लोग रोबोटिक सर्जरी देख सकेंगे। विदेशी रोबोट में सिर्फ एक व्यक्ति के देखने की गुंजाइश होती है। उन्होंने बताया कि रोबोट का प्रशिक्षण लेने के लिए तीन डॉक्टरों के नाम तय किए गए हैं। साल भर के अंदर रोबोट आ जाएगा।
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डॉ. काला ने बताया कि देश की एक कंपनी ने यह रोबोट मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया है। यह तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाला सामान सस्ता है। विदेशी रोबोट में एक केस करने पर एक-डेढ़ लाख का सामान लगता है। स्वदेशी रोबोट में सिर्फ 50 हजार का सामान लगता है। कंपनी 200 ऑपरेशन का सामान रोबोट के साथ मुफ्त देगी। इसके अलावा पांच साल तक रोबोट के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
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रोबोट की कीमत 14 करोड़ रुपये है। इसकी एक विशेषता और है कि इसमें एक साथ पांच-छह लोग रोबोटिक सर्जरी देख सकेंगे। विदेशी रोबोट में सिर्फ एक व्यक्ति के देखने की गुंजाइश होती है। उन्होंने बताया कि रोबोट का प्रशिक्षण लेने के लिए तीन डॉक्टरों के नाम तय किए गए हैं। साल भर के अंदर रोबोट आ जाएगा।
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