Kanpur: लघु उद्योगों में बढ़ता निवेश...15621 नई इकाइयों का श्रीगणेश, चार माह में ही खुली हैं ये इकाइयां
Kanpur News: प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग बीमा योजना शुरू की। एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़ा, होजरी और रेडीमेड उद्योग को शामिल किया गया है। इसमें कम ब्याज पर उद्योगों को लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।
विस्तार
छोटे-मझोले उद्योग कानपुर शहर की लाइफ लाइन बन चुके हैं। इन उद्योगों के बल पर शहर फिर से वैश्विक पटल पर आगे बढ़ रहा है। सरकार के उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच इस तरह के उद्योगों में निवेश बढ़ रहा है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक शहर में अब तक 72533 इकाइयां खुल चुकी हैं। खास बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष के चार महीने में 15621 नई इकाइयां खुली हैं।
नई इकाइयों में उत्पादन की 5055, सेवा क्षेत्र की 5627 और ट्रेडिंग की 4939 इकाइयां शामिल हैं। उत्पादन में सबसे ज्यादा फूड प्रोडक्ट की 354, चमड़ा उत्पादों की 350, रेडीमेड की 227, हार्डवेयर की 240 इकाइयां खुलीं हैं। सेवा क्षेत्र की बात करें तो ब्यूटी पार्लर की 158, साइबर कैफे 59, कैटरिंग की 60 इकाइयों का पंजीकरण हुआ है। 2015-16 में शहर में 32703 इकाइयां थीं। पहले राज्य सरकार की ओर से पंजीकरण कराया जाता था। अब केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत पंजीकरण कराया जाता है।
शहर में इस तरह बढ़ता जा रहा उद्योग....
अवधि उद्योग की संख्या
एक जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 10976
एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 18756
एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 27180
एक अप्रैल 2023 से 31 जुलाई 2023 15621
15420 सूक्ष्म इकाइयां भी खुलीं
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जुलाई 2020 से 31 जुलाई 2023 तक 72533 इकाइयों का पंजीकरण हुआ है। इसमें सूक्ष्म की 69032, लघु की 3179, मध्यम की 324 इकाइयां पंजीकृत हैं। एक अप्रैल 2023 से 31 जुलाई 2023 तक 15621 इकाइयों का पंजीकरण हुआ। इसमें सूक्ष्म की 15420, लघु की 180 और मध्यम श्रेणी की 21 इकाइयों का पंजीकरण हुआ है।
सरकार दे रही बढ़ावा, बढ़ रहीं इकाइयां
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग बीमा योजना शुरू की। एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़ा, होजरी और रेडीमेड उद्योग को शामिल किया गया है। इसमें कम ब्याज पर उद्योगों को लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन, सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश सरकार नई एमएसएमई नीति लाई है। इसमें उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
शहर में एमएसएमई तेजी से बढ़ रही हैं। उत्पादन, सेवा और ट्रेडिंग तीनों क्षेत्र में लोग कारोबार, व्यापार कर रहे हैं। कुल 72533 इकाइयां हो गई हैं। सरकार एमएसएमई को प्रोत्साहित कर रही है। डिफेंस कॉरिडोर में इकाइयां खुलने के बाद उद्योगों की रफ्तार और बढ़ जाएगी। पांच महीने में ही 15621 इकाइयों का पंजीकरण हुआ। उद्यमी अपने उद्योगों का विस्तार भी कर रहे हैं। -उपायुक्त उद्योग, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र
कानपुर एमएसएमई का शहर है। यही क्षेत्र ही शहर को संभाले हुए है। सेंट्रल यूपी में सबसे ज्यादा कानपुर की ग्रोथ देखने को मिल रही है। बड़ा निवेश नहीं आने के बाद भी शहर के उद्यमी ही उद्योगों का विस्तार कर रहे हैं। नए लोग भी उत्पादन इकाइयां शुरू कर रहे हैं। एमएसएमई में ही सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
एमएसएमई उद्योगों की बैक बोन है। शहर से जो भी उत्पाद निर्यात हो रहे हैं, इनमें 98 प्रतिशत एमएसएमई के ही हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार का एमएसएमई पर जोर है। सरकार का प्रयास है कि इन इकाइयों के उत्पादों को विश्व के हर देश में पहुंचाया जाए। जी-20 सम्मेलन में इस पर चर्चा की जानी है। -राजेंद्र कुमार जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
चमड़ा उद्योग के अलावा अन्य उद्योग भी शहर में बढ़ रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार उद्योगों को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं। उत्पादन करने से लेकर निर्यात करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह शहर और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है। -मुख्तारुल अमीन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
उद्योग के लिए ऐसे करें आवेदन
इकाई लगाने के लिए किराये या खुद की जमीन उपलब्धता, जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया के बाद निवेश मित्र पोर्टल पर उद्योग स्थापना का आवेदन करना होता है। उद्यम पंजीकरण के लिए खुद की आईडी बनानी होती है। आईडी बनने के बाद 70 विभाग और 125 सेवाओं से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित होती है। इसमें ट्रेड, उद्योग का विकल्प चुनकर एनओसी के लिए आवेदन करना होता है। उद्योग विभाग से जुड़ा आवेदन होने पर उद्योग विभाग से आटोजनरेटेड मेल आती है। कोई आपत्ति न होने पर सात दिन में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।