{"_id":"5a56332b4f1c1b0a788b7c35","slug":"incomplete-arrangements-in-ramnagriya","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ठेकेदार ने कहा 'कल्पवास करने आए हैं या आराम', साधुओं को उठाना पड़ा ये कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदार ने कहा 'कल्पवास करने आए हैं या आराम', साधुओं को उठाना पड़ा ये कदम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 10 Jan 2018 09:28 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबादः महीनों पहले से तैयारियों के दावे, धरातल पर भौंहें तानने को मजबूर करती हकीकत। कुछ ऐसा ही हाल एतिहासिक मेला श्री राम नगरिया का है। मेला स्थल पर शौचालयों की संख्या नाकाफी है। रोजाना साफ-सफाई न होने से घाटों पर गंदगी सिर चढ़ कर बोल रही है। बुधवार को यहां कल्पवास कर रहे महंत देवेंद्र दास ने मेला कार्यालय पहुंचकर जमकर भड़ास निकाली। मेला कार्यालय पहुंचे महंत ने बताया कि वह 20 वर्षों से मेले में कल्पवास कर रहे हैं, लेकिन जैसा इस बार हुआ वैसा अभी तक कभी देखने को नहीं मिला।
डेमो पिक
महंत ने बताया कि उनके आश्रम में चार विकलांग श्रद्धालु हैं। ये लोग बाहर शौच करने के लिए जाने में असमर्थ हैं। महंत ने बताया कि मेले में ठेकेदार से जब आश्रम में शौचालय बनाने की बात कही तो उसने मना कर दिया। ठेकेदार को बताया गया कि आश्रम में विकलांग लोगाें को दिक्कत होती है। तो ठेकेदार ने कहा कि वह लोग कल्पवास करने आए हैं, या आराम करने। कुछ देर की कहासुनी के बाद ठेकेदार ने महंत को लैट्रीन की शीट और पाइप दे दिए।
शौचालय की सीट उठाते साधु
- फोटो : अमर उजाला
महंत ने बताया कि वह साधु होकर शीट और पाइप लेकर जा रहे हैं। ठेकेदार ने उनके साथ कर्मचारी को भेजने से मना कर दिया है। गुरुवार सुबह शौचालय बनवाने की बात कही है। महंत ने कहा कि वह मामले की शिकायत एसडीएम से करेंगे। इस दौरान विकलांग ओमवीर और स्वामी मौर्य देव साथ थे। मेला रामनगरिया में सफाई कार्य कर रहे कर्मचारी खानापूरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कार्यालय पहुंचे महंत रामप्रकाश सफाई ठेकेदार रामदास गुप्ता से विरोध जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शौचालय की सीट उठाते साधु
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मेले के पश्चिमी ओर स्थित कल्पवास क्षेत्र में पड़े मैदान में लोगों के शौच से दुर्गंध उठ रही है। उनकी शिकायत पर सफाई कर्मचारियों ने मेला क्षेत्र की सफाई की। सफाई के दौरान कर्मियों ने कूडे़ को बालू में दबा दिया। इससे संत खफा हो गए। उन्होंने कहा कि कूडे़ को उठाकर दूर गड्ढा कर डाला जाए। इस पर सफाई कर्मी नहीं माने। उन्होंने थर्मोकोल की पत्तलें और अन्य कूडे़ को वहीं पर दफन कर दिया। सफाई कर्मियों की शिकायत लेकर मेला कार्यालय पहुंचे महंत की ठेकेदार से जमकर नोकझोंक हुई। संतों ने कहा कि अगली बार ऐसा हुआ तो वह इसकी शिकायत डीएम से करेंगे। ठेकेदार ने संतों को अगली बार ऐसा न होने का आश्वासन देकर मामले को रफा- दफा कर दिया।