फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Income Tax Department notice to 3500 'Karodimal' sitting in hiding, information collected from 18 sources

UP: छिपे बैठे 3500 ‘करोड़ीमल’ को आयकर विभाग का नोटिस, 18 स्रोतों से जुटाई हैं जानकारी, इनमें कानपुर के भी 800

Fri, 01 Sep 2023 11:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 01 Sep 2023 11:04 AM IST
सार

Kanpur News: विभाग ने ई-वैरिफिकेशन स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग को अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। कानपुर रीजन में अब तक 10 करोड रुपये का संग्रह भी किया जा चुका है। संभावना है कि 3500 लोगों को नोटिस जारी करने के बाद अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।

विज्ञापन
Income Tax Department notice to 3500 'Karodimal' sitting in hiding, information collected from 18 sources
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

करोड़ों की आय के बाद भी कम बताने वाले या नहीं बताने वाले लोगों की पहचान आयकर विभाग ने की है। इसमें कई एनआरआई भी शामिल हैं। आयकर विभाग ने कानपुर रीजन (पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) के 3500 लोगों को नोटिस भेजा है। शहर में इनकी संख्या 800 है।  इन सभी को आय का स्रोत बताने का मौका दिया गया है।

विज्ञापन

इनमें पांच लाख से लेकर 50 करोड़ की कमाई वाले हैं।  वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सूचनाएं एकत्र करने के बाद आयकर निदेशालय आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण की ओर से आयकर की धारा 133 6 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित व्यक्ति की ओर से नोटिस का जवाब नहीं भेजा जाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

इसके साथ ही आयकर अफसर रिपोर्ट तैयार करेंगे और धारा 148 के तहत मामले की स्क्रूटनी की जाएगी। इस मामले में संबंधित व्यक्ति ई-वैरीफिकेशन के जरिये ऑनलाइन जवाब दाखिल करेगा। सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस भेजे हैं। इसमें 90 प्रतिशत लोग आय अधिक होने के बाद भी कम आयकर रिटर्न दिखा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

संशोधित रिटर्न और टैक्स देना को कहा गया
या फाइल नहीं किया जा रहा है। उन एनआरआई को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके बैंक खाते यहीं पर हैं और मोटा ब्याज मिल रहा है पर आयकर रिटर्न कम का दाखिल कर रहे हैं। विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अब उन्हें संशोधित रिटर्न और टैक्स देना को कहा गया है।

इन स्रोतों से जुटाई गई जानकारी
दरअसल आयकर विभाग ने स्टेटमेंट आफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के 18 स्रोतों के जरिये जानकारी जुटाई। इसमें बैंकों, डाकघर से ब्याज की आय, नकदी जमा या निकासी, रजिस्ट्री कार्यालय से भूमि व भवन का क्रय विक्रय, म्यूचुअल फंड में जमा राशि, लाभांश, विदेशों से भेजी गई रकम, निर्यात, महंगी गाड़ी खरीदने वालों का डाटा, क्रेडिट कार्ड के जरिए लेन-देन करने वाले मामले सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।

अफसर संतुष्ट होंगे, तो बच जाएंगे कार्रवाई से
बताया गया कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है। यदि वो अपना पक्ष रख सकते हैं या आयकर से जुड़े दस्तावेज या लेन-देन बता सकेंगे तो उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्हें विभाग के पोर्टल पर जाकर एआईएस वार्षिक सूचना विवरण भरना होगा और इस संबंध में दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।

10 लाख से अधिक वाली कार पर नजर
10 लाख से अधिक की कार खरीदने वाले, 30 लाख से अधिक कीमत वाली संपत्ति खरीदने वालों पर विभाग की नजर है। बताया गया कि सरकार ने नकद लेन-देन पर सख्ती की है। इसके बाद भी इन सब में बड़े पैमाने पर नकदी इस्तेमाल में आ रही है।

विभाग ने 10 करोड़ का किया संग्रह
विभाग ने ई-वैरिफिकेशन स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग को अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। कानपुर रीजन में अब तक 10 करोड रुपये का संग्रह भी किया जा चुका है। संभावना है कि 3500 लोगों को नोटिस जारी करने के बाद अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed