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Kanpur News: हटेंगी निष्क्रिय समूह सखी, पात्र महिलाओं को मिलेगा जिम्मेदारी
Sat, 11 Apr 2026 01:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 01:06 AM IST
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कानपुर देहात। समूह की महिलाओं तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने के लिए जनपद में करीब 650 समूह सखी कार्य कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग इनके किए गए कार्यों की समीक्षा कर निष्क्रिय रहने वाली समूह सखी की छंटनी करेगा। इनकी जगह पर पात्र महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। कई महिलाएं शासन से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी न होने की वजह से कारोबार में उचित लाभ नहीं प्राप्त कर पाती हैं। ऐसे में इन महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाले ऋण व अन्य लाभ के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए एनआरएलएम विभाग ने 650 समूह सखी को तैनात किया हुआ है। इसके बावजूद महिलाओं में जागरूकता की कमी पाई जा रही है।
जिला मिशन प्रबंधक तौकीर आलम ने संचालित समूह के बीच से चयनित महिलाओं को समूह सखी के पद पर तैनात किया गया है। इनका मुख्य कार्य महिलाओं तक शासन से चलाई जा रही योजनाओं को पहुंचाना है। साथ ही जो महिलाएं स्वयं का कारोबार शुरू करना चाहती हैं, उन्हें सीसीएल के तहत व अन्य मद से मिलने वाले ऋण के बारे में बताती हैं। इसके इन्हें 2000 हजार रुपये महीने दिए जाते हैं। वहीं, समूह को नया ऋण दिलाने और दिए गए ऋण की वापसी कराने पर कार्य आधारित मानदेय अतिरिक्त मिलता है। इन समूह सखी की बीते एक वर्ष में किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी, जिसमें निष्क्रिय पाई जाने वालों छंटनी करते हुए समूह से नई महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षण दिलाते हुए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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वर्जन.......
शासन की योजनाओं को समूह की महिलाओं तक पहुंचाना एक अहम कार्य है। समूह सखी के माध्यम से इन महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचता है। बीते एक वर्ष में इनके द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर सक्रिय रहने वाली समूह सखी को नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं, निष्क्रिय की छंटनी कर अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाकर पद पर तैनात किया जाएगा। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। कई महिलाएं शासन से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी न होने की वजह से कारोबार में उचित लाभ नहीं प्राप्त कर पाती हैं। ऐसे में इन महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाले ऋण व अन्य लाभ के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए एनआरएलएम विभाग ने 650 समूह सखी को तैनात किया हुआ है। इसके बावजूद महिलाओं में जागरूकता की कमी पाई जा रही है।
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जिला मिशन प्रबंधक तौकीर आलम ने संचालित समूह के बीच से चयनित महिलाओं को समूह सखी के पद पर तैनात किया गया है। इनका मुख्य कार्य महिलाओं तक शासन से चलाई जा रही योजनाओं को पहुंचाना है। साथ ही जो महिलाएं स्वयं का कारोबार शुरू करना चाहती हैं, उन्हें सीसीएल के तहत व अन्य मद से मिलने वाले ऋण के बारे में बताती हैं। इसके इन्हें 2000 हजार रुपये महीने दिए जाते हैं। वहीं, समूह को नया ऋण दिलाने और दिए गए ऋण की वापसी कराने पर कार्य आधारित मानदेय अतिरिक्त मिलता है। इन समूह सखी की बीते एक वर्ष में किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी, जिसमें निष्क्रिय पाई जाने वालों छंटनी करते हुए समूह से नई महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षण दिलाते हुए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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शासन की योजनाओं को समूह की महिलाओं तक पहुंचाना एक अहम कार्य है। समूह सखी के माध्यम से इन महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचता है। बीते एक वर्ष में इनके द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर सक्रिय रहने वाली समूह सखी को नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं, निष्क्रिय की छंटनी कर अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाकर पद पर तैनात किया जाएगा। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम