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नकली सोना रखकर एचडीएफसी बैंक से 44 लाख का गोल्ड लोन, घोटाले में शामिल 2 अधिकारी सस्पेंड
Fri, 04 Jan 2019 10:54 AM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 04 Jan 2019 10:54 AM IST
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कानपुर में एचडीएफसी बैंक की सिविल लाइंस और गोविंद नगर शाखा में नकली सोना रखकर गोल्ड लोन लेने के मामले में बैंक के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। बैंक में गोल्ड लोन ऑफिसर के पद पर तैनात दोनों अधिकारियों ने वैल्यूअर (सोेने के मूल्यांकनकर्ता) के साथ मिलकर अपने पिता, पत्नी और अन्य जानने वालों को लोन मुहैया करवाए थे।
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एचडीएफसी बैंक की गोल्ड लोन उपलब्ध करवाने के लिए नवीन मार्केट में बिजनेस होलसेल नाम से स्वतंत्र शाखा है। इस शाखा के प्रतिनिधि के तौर पर एक गोल्ड लोन ऑफिसर (पदनाम) एचडीएफसी की सभी शाखाओं में तैनात रहता है। इसी व्यवस्था के तहत लाल बंगला निवासी रोहिल सक्सेना सिविल लाइंस शाखा में और पारस पंत गोविंद नगर शाखा में बतौर गोल्ड लोन ऑफिसर नियुक्त थे।
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बैंक की जांच में सामने आया कि गोल्ड लोन ऑफिसर रोहिल सक्सेना ने अपने पिता सुरेंद्र सक्सेना, एक अन्य परिचित अनुराग सिंह और पत्नी के जरिये इसी शाखा में सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन के लिए आवेदन कराया। गोल्ड लोन ऑफिसर ने बैंक के अधिकृत मूल्यांकनकर्ताओं के साथ मिलकर नकली सोने को असली साबित करा दिया।
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इसके बाद करीब 21 लाख 38 हजार रुपये की रकम तीन लोगों को बांट दी। इसी तरह से गोविंद नगर शाखा में तैनात गोल्ड लोन ऑफिसर पारस पंत ने करीब 23 लाख 75 हजार रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दे डाला। बैंक की आंतरिक जांच में इस तरह की अनियमितता सामने आने के बाद दोनों अधिकारी सस्पेंड कर दिया गया है।
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दर्ज कराएंगे एफआईआर
बैंक में फ्रॉड हुआ है। इसमें संबंधित शाखाओं के अफसरों की कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि यह काम अलग तरह की शाखा देखती है। इस फर्जीवाड़े में जिन दो अफसरों की भूमिका सामने आई है, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। आगे और भी कार्रवाई हो सकती हैं। पुलिस को एफआईआर के लिए सूचित किया जा चुका है। कारपोरेट कम्यूनिकेशन सेल, एचडीएफसी बैंक, मुंबई
बैंक में फ्रॉड हुआ है। इसमें संबंधित शाखाओं के अफसरों की कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि यह काम अलग तरह की शाखा देखती है। इस फर्जीवाड़े में जिन दो अफसरों की भूमिका सामने आई है, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। आगे और भी कार्रवाई हो सकती हैं। पुलिस को एफआईआर के लिए सूचित किया जा चुका है। कारपोरेट कम्यूनिकेशन सेल, एचडीएफसी बैंक, मुंबई