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भैंसाया में राजस्व टीम ने की भूमि की पैमाइश, दोबारा बनेगा नक्शा नजरी व ले आउट
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भैसायां में जमीन की नापजोख करती राजस्व टीम। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद। हस्तिनापुर (मेरठ) की एक मिल परिसर में रहने वाले 63 हिंदू बंगाली परिवारों को भैंसाया में बसाया जाना है। यहां आवासीय योजना की जिम्मेदारी केडीए को दी गई है। केडीए वीसी ने संशोधित अभिलेख मांगे थे।
इसको लेकर गुरुवार को राजस्व टीम ने विकास विभाग के जेई की मौजूदगी में प्रस्तावित आवासीय भूमि की पैमाइश की। संशोधित नक्शा नजरी व ले आउट सोमवार तक तैयार होने की उम्मीद है।
वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 63 हिंदू बंगाली परिवार मेरठ की सूत मिल परिसर में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हिंदू बंगाली परिवारों को पुनर्वासित करने की पहल की है। इस पर 63 परिवारों ने रसूलाबाद के भैंसाना में बसने की इच्छा जताई थी। यहां पहले से ही करीब पांच सौ विस्थापित हिंदू बंगाली परिवार रह रहे हैं। मेरठ से आ रहे हिंदू बंगाली परिवारों को लंदनपुर ग्रंट मॉडल के आधार पर पुनर्वासित किया जाना है।
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इसी को लेकर बुधवार को केडीए वीसी अरविंद सिंह ने भैंसाया गांव का दौरा किया था। उन्होंने पूर्व में राजस्व विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए ले आउट व नक्शा नजरी को वर्ग फीट पैमाने पर संशोधित करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में गुरुवार को तहसीलदार राज कुमार चौधरी के निर्देश पर लेखपाल सुरेश सिंह, लालाराम, रावेंद्र व विकास विभाग के जेई नीरज आदि की संयुक्त टीम ने भैंसाया के मजरा पाल नगर पहुंचकर चयनित गाटा संख्या 1704, 1705 व 1710 रकबा लगभग दो हेक्टेयर भूमि की पैमाइश की। संयुक्त टीम ने आवास प्रयोजन वाली भूमि का ले आउट, नजरी नक्शा तथा बनने वाले आवासों का मॉडल आदि तैयार करने का काम शुरू किया है।
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इसको लेकर गुरुवार को राजस्व टीम ने विकास विभाग के जेई की मौजूदगी में प्रस्तावित आवासीय भूमि की पैमाइश की। संशोधित नक्शा नजरी व ले आउट सोमवार तक तैयार होने की उम्मीद है।
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वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 63 हिंदू बंगाली परिवार मेरठ की सूत मिल परिसर में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हिंदू बंगाली परिवारों को पुनर्वासित करने की पहल की है। इस पर 63 परिवारों ने रसूलाबाद के भैंसाना में बसने की इच्छा जताई थी। यहां पहले से ही करीब पांच सौ विस्थापित हिंदू बंगाली परिवार रह रहे हैं। मेरठ से आ रहे हिंदू बंगाली परिवारों को लंदनपुर ग्रंट मॉडल के आधार पर पुनर्वासित किया जाना है।
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इसी को लेकर बुधवार को केडीए वीसी अरविंद सिंह ने भैंसाया गांव का दौरा किया था। उन्होंने पूर्व में राजस्व विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए ले आउट व नक्शा नजरी को वर्ग फीट पैमाने पर संशोधित करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में गुरुवार को तहसीलदार राज कुमार चौधरी के निर्देश पर लेखपाल सुरेश सिंह, लालाराम, रावेंद्र व विकास विभाग के जेई नीरज आदि की संयुक्त टीम ने भैंसाया के मजरा पाल नगर पहुंचकर चयनित गाटा संख्या 1704, 1705 व 1710 रकबा लगभग दो हेक्टेयर भूमि की पैमाइश की। संयुक्त टीम ने आवास प्रयोजन वाली भूमि का ले आउट, नजरी नक्शा तथा बनने वाले आवासों का मॉडल आदि तैयार करने का काम शुरू किया है।